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सौरव दास और आशुतोष रांका मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई: याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने याचिका वापस ली, अदालत ने की तल्ख टिप्पणियां

जंतर-मंतर पर प्रवेश और निषेधाज्ञा उल्लंघन मामले में गिरफ्तार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत और विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अपनी याचिका वापस लेने का आग्रह किया, जिसे हाईकोर्ट ने अनुमति दे दी।

अदालत में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने नेताओं की उम्र और पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदर्शन और असहमति जताने का अधिकार है, लेकिन शांति भंग होने की आशंका और सार्वजनिक व्यवस्था के मामलों में यह देखना भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि प्रदर्शन करने वाले कौन हैं और उनकी मंशा क्या है। बेंच ने स्पष्ट किया कि याचिका वापस लेने के दौरान मामले के गुण-दोष पर कोई विधिक राय नहीं दी गई है।

इसके अलावा, अदालत ने जमानत बॉन्ड और शर्तों के उल्लंघन पर प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाए। वहीं, दूसरी ओर संबंधित मामलों में आरोपियों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई के लिए SEM अदालत के समक्ष पेश किया जा रहा है, जहां कानूनी कार्यवाही जारी है।

पंजाब के सीएम भगवंत मान को दिल्ली एयरपोर्ट पर रोकने का आम आदमी पार्टी ने लगाया आरोप, 50 हजार के चालान का दावा

आम आदमी पार्टी (AAP) ने आरोप लगाया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पेरिस से लौटने के बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कथित रूप से लगभग तीन घंटे तक रोका गया और उन पर 50,000 रुपये का चालान भी लगाया गया। पार्टी नेताओं का दावा है कि पेरिस में आयोजित खाद्य प्रदर्शनी में भाग लेकर लौटे मुख्यमंत्री के साथ हवाई अड्डे पर यह प्रशासनिक प्रक्रिया जानबूझकर की गई।

आप नेताओं ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और इसे पंजाब व राज्य के मुख्यमंत्री का अपमान करार दिया है। पार्टी पदाधिकारियों का आरोप है कि एयरपोर्ट अधिकारियों ने 'ऊपर से दबाव' होने की बात कहते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि, आम आदमी पार्टी की ओर से चालान जारी किए जाने या देरी की स्पष्ट वजह का उल्लेख नहीं किया गया है।

दूसरी ओर, विपक्षी नेताओं और अन्य राजनीतिक हलकों में इस दावे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर घटनाक्रम से जुड़े विवरणों की समीक्षा की जा रही है, हालांकि हवाई अड्डा अधिकारियों की तरफ से चालान और रोक की वजहों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग मामला: दिल्ली पुलिस और स्पेशल सेल ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

बॉलीवु़ड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हाल ही में हुई फायरिंग की घटना की जांच में एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित चार संदिग्धों को दिल्ली और सोनीपत से गिरफ्तार किया है।

प्राथमिक जांच के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबीता के रूप में हुई है। पुलिस का आरोप है कि इन संदिग्धों ने मुंबई में वारदात को अंजाम देने वाले शूटर्स को हथियार उपलब्ध कराने और उन्हें शरण (शेल्टर) देने में अहम भूमिका निभाई थी। इनमें से कुछ आरोपियों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और कुछ को हरियाणा के सोनीपत से पकड़ा गया।

महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने दिल्ली पहुंचकर सभी गिरफ्तार आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल कर ली है, जिसके तहत उन्हें पूछताछ के लिए मुंबई ले जाया जा रहा है। शुरुआती तफ्तीश में यह भी अंदेशा जताया जा रहा है कि इस आपराधिक षड्यंत्र के पीछे विदेश से संचालित होने वाले किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है, जिसकी कड़ियां खंगालने के लिए सुरक्षा एजेंसियां संयुक्त रूप से तफ्तीश कर रही हैं।

वडोदरा में यूसुफ पठान को जमीन आवंटन विवाद का समाधान: नगर निगम ने विवादित प्लॉट मामले में दी बड़ी राहत

गुजरात के वडोदरा में सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान से जुड़े भूमि आवंटन और कथित अतिक्रमण के विवाद में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय सामने आया है। वडोदरा नगर निगम (VMC) ने 978 वर्ग मीटर के विवादित भूखंड मामले में यूसुफ पठान के पक्ष में फैसला लेते हुए उन्हें जमीन के आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस भूखंड की बाजार कीमत करोड़ों रुपए आंकी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत भूखंड का एक हिस्सा आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित नियमों के तहत समायोजित किया गया है, जबकि शेष हिस्से का हस्तांतरण तय प्रशासनिक मूल्यांकन और दिशा-निर्देशों के आधार पर किया जा रहा है। वडोदरा नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार इस प्रस्ताव को आगामी स्थायी समिति और जनरल बोर्ड की बैठकों में औपचारिक मंजूरी के लिए रखा जाएगा।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले इस भूखंड को लेकर नोटिस जारी किया गया था और राजनीतिक हलकों में इसको लेकर काफी चर्चा रही थी। अब स्थानीय प्रशासन और सरकार की प्रक्रिया के अनुरूप इस मामले के सुलझने से कानूनी व प्रशासनिक स्तर पर लंबे समय से चल रहे इस विवाद का औपचारिक समाधान हो गया है।