भीषण चक्रवाती तूफान 'अरनब' (Cyclone Arnab) कमजोर पड़कर अब डिप्रेशन (अवदाब) के रूप में दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम 29 अक्टूबर की शाम तक और कमजोर होकर उत्तर छत्तीसगढ़ तथा उत्तर-पश्चिम ओडिशा पर 'सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र' (Well Marked Low Pressure Area) में तब्दील हो जाएगा। इस पूरी मौसमी गतिविधि पर रायपुर और संबलपुर के डॉपलर वेदर रडार से लगातार नजर रखी जा रही है।
पिछले 24 घंटों के दौरान इस तूफान के प्रभाव से दक्षिण ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी से अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण ओडिशा में बारिश ने कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। गंजम जिले के पात्रपुर में सर्वाधिक 546 मिमी (54.6 सेमी) असाधारण बारिश हुई, जबकि सोरडा में 503 मिमी, कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462 मिमी, गजपति के महेंद्रगढ़ में 458 मिमी, सनाखेमुंडी में 388 मिमी और चिकिटी में 309 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी में एक और नई मौसमी हलचल की पुष्टि की है। दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अगले 24 घंटों में अधिक मजबूत होकर सुस्पष्ट निम्न दबाव का रूप ले लेगा। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके और गहराकर दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती अवदाब (Depression) में तब्दील होने की संभावना है, जिस पर मौसम वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं।