ईरान-अमेरिका शांति वार्ता: खाड़ी देशों की अलग-अलग रणनीति, कौन सख़्त और कौन नरम?
मोहित गौतम (दिल्ली) : मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और संभावित शांति वार्ता के बीच खाड़ी देशों की भूमिका एक बार फिर चर्चा में है। हालिया कूटनीतिक गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि क्षेत्र के कई देश इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग रणनीति अपना रहे हैं। जहां कुछ देश ईरान के खिलाफ सख़्त रुख अपनाते नजर आते हैं, वहीं कुछ देश संवाद और संतुलन की नीति पर जोर दे रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची हाल के दिनों में सक्रिय कूटनीति में जुटे हुए हैं। उन्होंने पाकिस्तान, ओमान और अन्य देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। पाकिस्तान में उनकी मुलाकात सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से हुई, जो यह दर्शाता है कि क्षेत्रीय स्तर पर समर्थन और संवाद को मजबूत करने की कोशिश जारी है। इस दौरान ओमान की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह देश लंबे समय से मध्यस्थ की भूमिका निभाता आया है और इस बार भी उसने संवाद और शांति प्रयासों पर जोर दिया है। वहीं, क़तर और सऊदी अरब के साथ भी ईरान ने कूटनीतिक संपर्क बनाए रखा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि तनाव कम क...