क्या भारत ‘डिजिटल सुपरपावर’ बनने की राह पर है या यह सिर्फ एक सपना है?
मोहित गौतम (दिल्ली) : भारत तेजी से डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है और “डिजिटल इंडिया” का सपना अब केवल एक सरकारी नारा नहीं बल्कि एक व्यापक परिवर्तन की प्रक्रिया बन चुका है। पिछले कुछ वर्षों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि हुई है, डिजिटल पेमेंट सिस्टम जैसे UPI ने लेन-देन की परिभाषा बदल दी है, और स्टार्टअप इकोसिस्टम ने भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान दी है। इन उपलब्धियों को देखते हुए यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या भारत वास्तव में डिजिटल सुपरपावर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, या यह सिर्फ एक महत्वाकांक्षी सपना है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के स्तर पर भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। सस्ते इंटरनेट डेटा, स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और सरकारी डिजिटल सेवाओं ने करोड़ों लोगों को ऑनलाइन दुनिया से जोड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, जिससे शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक लोगों तक पहुंचा है। हालांकि, इस प्रगति के बावजूद डिजिटल डिवाइड यानी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच तकनीकी असमानता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। डिजि...