ईरान-अमेरिका तनाव के बीच तेल बाजार में हलचल, भारत समेत दुनिया की नजर ऊर्जा राजनीति पर
मोहित गौतम (दिल्ली) : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका संबंधों में जारी खींचतान के बीच वैश्विक तेल बाजार एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालिया बयानों और कूटनीतिक संकेतों के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में संभावित बदलावों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है या तेल निर्यात से जुड़े फैसलों में बदलाव आता है, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा कीमतों पर दिखाई दे सकता है। ईरान लंबे समय से वैश्विक तेल राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। विभिन्न प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद ईरान दुनिया के बड़े ऊर्जा उत्पादक देशों में शामिल माना जाता है। यही कारण है कि उससे जुड़ी किसी भी नीति या बयान का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर तेजी से पड़ता है। हाल के घटनाक्रमों के बाद यह चर्चा तेज हुई है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच किसी स्तर पर तनाव कम होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकत...