पेपर लीक पर 10 साल तक जेल और 10 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रस्ताव, नए संशोधन बिल में क्या बदलेगा?
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश में पेपर लीक, परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल और संगठित नकल से जुड़े मामलों पर सख्ती बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने सार्वजनिक परीक्षाओं से संबंधित कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स अमेंडमेंट बिल, 2026 का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़े प्रावधान लागू करना और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही को मजबूत बनाना है। नए प्रस्ताव में व्यक्तिगत स्तर पर परीक्षा से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं या अनुचित साधनों के इस्तेमाल के मामलों में सजा बढ़ाने की बात कही गई है। मौजूदा व्यवस्था में ऐसे अपराधों के लिए तीन से पांच साल तक की जेल और अधिकतम 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संशोधन बिल में जेल की अवधि बढ़ाकर पांच से 10 साल तक करने और जुर्माना बढ़ाकर अधिकतम 50 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले गिरोहों के लिए भी अधिक कठोर दंड का प्रस्ताव है। मौजूदा कानून में ऐसे अपराधों के लिए कम से कम पांच साल की क...