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ओमान के पास भारतीय मालवाहक जहाज पर हमले की विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा: एक भारतीय नाविक की मौत, 13 सुरक्षित बचाए गए

ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले कमर्शियल मालवाहक जहाज 'MSV अल जुसुफी' पर हुए हमले के मामले में भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नागरिक जहाजों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है और यह तुरंत बंद होना चाहिए।

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, इस हमले के दौरान जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय नाविक की चोट लगने के कारण मौत हो गई है। भारत ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ओमान के स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और मृतक के पार्थिव शरीर तथा बचाए गए 13 नागरिकों की जल्द से जल्द सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने में जुटा है।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी इस घटना पर गहरा दुख जताया है। विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए जोर दिया है कि क्षेत्र में समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता बिना किसी रुकावट के बहाल होनी चाहिए, तथा इस प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज किए जाने चाहिए।

चक्रवात ‘मुरुसु’ का कहर: आंध्र प्रदेश और चेन्नई एयरपोर्ट पर 30 से अधिक उड़ानें रद्द, भारी बारिश और खराब मौसम के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित

दक्षिण भारत में गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरुसु' (Cyclone Murasu) के दस्तक देने और तटीय इलाकों में खराब मौसम के चलते हवाई यातायात पर भारी असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में सुरक्षा के एहतियाती उपायों के तहत विभिन्न विमानन कंपनियों ने 30 से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया है, जिससे यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा (गन्नावरम), विशाखापत्तनम और तिरुपति एयरपोर्ट्स पर कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द की गई हैं। अकेले विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर इंडिगो की 10 और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 2 उड़ानें रद्द हुई हैं। इसके अलावा, चेन्नई एयरपोर्ट पर भी प्रतिकूल मौसम और मूसलाधार बारिश के चलते चेन्नई से विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडप्पा और तिरुचिरापल्ली जाने-आने वाली 11 उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात 'मुरुसु' के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ने के कारण आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा रही है। विमानन कंपनियों (विशेषकर इंडिगो) ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी कर उड़ानों के स्टेटस की जांच करने और एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले पुष्टि करने की सलाह दी है। रेल और सड़क मार्ग पर भी यातायात बाधित होने की सूचना है, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

दिल्ली-NCR में बिगड़ती हवा के बीच GRAP Stage-II लागू: जनरेटर सेट और कोयले के इस्तेमाल पर पाबंदी, एंटी-स्मॉग गन और मैकेनिकल स्वीपिंग तेज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता का स्तर बिगड़कर 'बहुत खराब' (Very Poor) श्रेणी में पहुंचने और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के 300 के पार (324 तक) चले जाने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण यानी 'ग्रेप-2' (Stage-II) लागू कर दिया है।

ग्रेप-2 लागू होने के बाद पूरे क्षेत्र में आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर नियमित एवं व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए डीजल जनरेटर (DG) सेट के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है। इसके अलावा होटलों, रेस्टोरेंट्स और ढाबों में कोयले व तंदूर के लिए लकड़ी जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। निजी वाहनों की आवाजाही को हतोत्साहित करने के लिए पार्किंग दरों को बढ़ाने तथा मेट्रो और सीएनजी/इलेक्ट्रिक बसों के फेरे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर सड़कों से धूल हटाने के लिए मैकेनिकल और वैक्यूम स्वीपिंग के साथ-साथ मुख्य सड़कों पर एंटी-स्मॉग गन और पानी के छिड़काव को तेज कर दिया गया है। साथ ही, वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUCC) की चेकिंग सख्त कर दी गई है और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाने व ईंधन देने से रोकने की कार्रवाई की जा रही है। CAQM ने नागरिकों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और खुले में कचरा न जलाने की अपील की है।

दिवाली पर दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों को सुप्रीम कोर्ट की सशर्त मंजूरी: तय की गई टाइम लिमिट, संवेदनशील इलाकों में पाबंदी बरकरार

दिवाली त्योहार से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से इनकार करते हुए केवल 'ग्रीन पटाखे' (Green Crackers) जलाने की सशर्त अनुमति प्रदान की है। शीर्ष अदालत ने 2 नवंबर को सुनवाई के दौरान पर्यावरण सुरक्षा और जन भावनाओं के बीच संतुलन बनाते हुए आतिशबाजी के लिए सख्त समय सीमा और गाइडलाइंस निर्धारित की हैं।

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि दिल्ली-एनसीआर में 7 नवंबर और दिवाली के मुख्य दिन 8 नवंबर को केवल तय समय पर ही ग्रीन पटाखे जलाए जा सकेंगे। अदालत के अनुसार, इन दोनों दिनों में केवल सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही आतिशबाजी करने की छूट होगी।

अदालत ने इसके साथ ही सख्त हिदायत दी है कि अस्पतालों, नर्सिंग होम, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, वृद्धाश्रमों और शैक्षणिक संस्थानों के 300 मीटर के दायरे में (साइलेंस जोन) किसी भी तरह के पटाखे जलाने की इजाजत नहीं होगी। इन क्षेत्रों को 'नो-क्रैकर जोन' घोषित करने, उचित साइनबोर्ड लगाने और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से नागरिकों को सतर्क करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकारियों से कहा है कि इन नियमों का धरातल पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।