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स्टारलिंक मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान पर भड़की भाजपा, लगाया विदेशी धन्ना सेठों के कठपुतली बनने और U-Turn लेने का आरोप

विदेशी उद्योगपति एलन मस्क और उनकी कंपनी स्टारलिंक को लेकर सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी का राजनीतिक रुख विदेशी ताकतों और विदेशी उद्योगपतियों के इशारों पर निर्भर हो गया है।

भाजपा द्वारा जारी बयान में कहा गया कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाते रहे हैं और अब देश की घरेलू एवं आर्थिक नीतियों को प्रभावित करने के लिए विदेशी अरबपतियों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि एक साल पहले तक जो कांग्रेस पार्टी स्टारलिंक जैसी विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य चिंताओं को लेकर बयानबाजी करती थी, वह अब अचानक इसके समर्थन में U-Turn क्यों ले रही है।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और देश की नीतियां किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तय नहीं होतीं, बल्कि भारत की संसद और सरकार द्वारा जनहित में बनाई जाती हैं। पार्टी ने राहुल गांधी के इस रुख की तुलना ऐतिहासिक संदर्भों से करते हुए कहा कि विदेशी ताकतों के साथ सुर से सुर मिलाकर देश की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने कहा कि देश की जनता ऐसे राजनीतिक बयानों और विदेशी उद्योगपतियों के प्रभाव में बनाई जा रही रणनीतियों को भली-भांति समझ रही है।

विपक्ष के प्रदर्शन और ट्रैफिक जाम पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों और इसके चलते लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो और बयान साझा करते हुए भाजपा ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों की शैली पर सवाल उठाए हैं और इसे आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बताया है।

भाजपा द्वारा जारी बयान में एक ऑटो चालक के आक्रोश का हवाला दिया गया है, जिसमें ढाई घंटे लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति का जिक्र किया गया। पार्टी का कहना है कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक सड़क जाम के कारण आम नागरिकों, बुजुर्गों, मरीजों और रेलवे स्टेशन जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। बयान में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का उल्लेख किया गया जो पैर की सर्जरी के बाद जाम में फंसी रहीं, वहीं कई लोगों की ट्रेनें छूट गईं।

भाजपा ने विपक्षी दलों की कार्यशैली की आलोचना करते हुए सवाल किया कि आखिर कब तक राजनीतिक वजहों से दिल्ली के आम नागरिकों और दैनिक यात्रियों को इस तरह की समस्याओं से जूझना पड़ेगा। पार्टी ने कहा कि यह आक्रोश केवल एक चालक का नहीं, बल्कि रोजाना जाम की समस्या से परेशान होने वाले हर दिल्लीवासी की आवाज है।

नभः स्पृशं दीप्तम्: शौर्य, समर्पण और राष्ट्र रक्षा के 94 वर्षों का स्वर्णिम प्रतीक

मोहित गौतम (दिल्ली) : प्रत्येक वर्ष 8 अक्टूबर का दिन संपूर्ण राष्ट्र के लिए केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना के अदम्य साहस, अभेद्य वीरता और अटूट समर्पण को नमन करने का पावन अवसर होता है। वर्ष 1932 में स्थापित भारतीय वायु सेना आज अपने 94वें स्थापना दिवस के ऐतिहासिक पड़ाव पर खड़ी है। "नभः स्पृशं दीप्तम्" अर्थात् 'गर्व के साथ आकाश को छूना' के अमर ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए भारतीय वायु सेना ने देश की संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा में जो स्वर्णिम अध्याय लिखे हैं, वे हर भारतीय के हृदय में गर्व की अनुभूति कराते हैं।

इतिहास साक्षी है कि 1947-48 का कड़ाके की ठंड में हुआ लद्दाख अभियान हो, 1965 और 1971 के युद्धों में दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले ऑपरेशन हों, या फिर कारगिल की दुर्गम चोटियों पर चलाया गया 'ऑपरेशन सफेद सागर' हमारे वायु योद्धाओं ने हर मोर्चे पर अपनी रणनीतिक श्रेष्ठता और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया है। इसके अतिरिक्त, जब भी देश या विदेश में कोई प्राकृतिक आपदा आई है, चाहे वह उत्तराखंड की भीषण बाढ़ हो या कोविड महामारी के दौरान जीवनरक्षक दवाओं और ऑक्सीजन की आपूर्ति का संकट, वायु सेना ने 'ऑपरेशन राहत' जैसे अभियानों के जरिए हर विषम परिस्थिति में संकटमोचक की भूमिका निभाई है।

आज के आधुनिक दौर में, जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और रणनीतिक चुनौतियां लगातार जटिल होती जा रही हैं, भारतीय वायु सेना का कायाकल्प भी बेहद तीव्र गति से हो रहा है। 'आत्मनिर्भर भारत' और स्वदेशीकरण के संकल्प के तहत राफेल, सुखोई-30 एमकेआई जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों के साथ-साथ स्वदेशी 'तेजस', 'प्रचंड' लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर और आधुनिक सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे परिवहन विमानों ने हमारी युद्धक क्षमता को एक नई ऊंचाई दी है।

अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियों, उन्नत रडार नेटवर्क और ड्रोन तकनीक के समावेश ने हमारी वायु सीमा को अभेद्य सुरक्षा कवच प्रदान किया है। वायु सेना दिवस न केवल हमारे वायु वीरों के पराक्रम और बलिदान का स्मरण कराता है, बल्कि यह देश के प्रत्येक नागरिक को यह विश्वास दिलाता है कि जब तक हमारे गगन प्रहरी नीले आसमान में मुस्तैद हैं, भारत की अखंडता और सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित है। संपूर्ण देश अपने जांबाज वायु योद्धाओं के शौर्य को सलाम करता है।