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शेयर बाजार में अचानक आया भूचाल: दिन के उच्चतम स्तर से 1400 अंक से ज्यादा फिसला सेंसेक्स, जानें गिरावट की 3 बड़ी वजहें

सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। मजबूत शुरुआत के बाद बाजार में अचानक बिकवाली का तेज दौर देखने को मिला, जिससे बीएसई सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 1400 अंक से अधिक गिरकर 74,003 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी में भी 474 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों के अनुसार इस अचानक आई गिरावट के पीछे तीन प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारक रहे। पहला बड़ा कारण वेस्ट एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतों का 107 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना है।

दूसरा कारण अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5 प्रतिशत के पार जाना और अमेरिकी बाजारों में बिकवाली का असर रहा। इसके अलावा तीसरे कारण के रूप में बाजार में वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) का अचानक लगभग 6 प्रतिशत बढ़कर 13 के पार पहुंचना रहा, जिसने निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ा दी।

सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों में सैन्य संघर्ष तेज: पवित्र शहर मक्का में पहली बार हवाई हमले का अलर्ट जारी, यमन में भारी बमबारी

सऊदी अरब और यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच जारी सैन्य संघर्ष बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने पहली बार पवित्र शहर मक्का के साथ-साथ जेद्दा, तैफ, आभा, जाजान और यानबू जैसे प्रमुख शहरों में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया। हालांकि, बाद में प्रशासन ने अलर्ट वापस लेते हुए स्थिति के नियंत्रण में होने की पुष्टि की और नागरिकों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी। वहीं, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस पर दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन से हमले का दावा किया, जिसमें 13 लोग घायल हुए हैं।

इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के विभिन्न प्रांतों पर 50 से अधिक भीषण हवाई हमले किए। सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हूती हमलों का कड़ाई से जवाब देगा।

UPI लेनदेन पर मर्चेंट शुल्क (MDR) विवाद: अशनीर ग्रोवर का सरकार पर हमला, कहा- 'यह टैक्स वसूली जैसा, लोग फिर से कैश की ओर लौटेंगे'

भारत पे के पूर्व सह-संस्थापक अशनीर ग्रोवर ने डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई (UPI) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या संभावित शुल्क लगाने की चर्चा को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। हालिया सरकारी अधिसूचना में ₹2,000 तक के लेनदेन को पूरी तरह निशुल्क रखने की बात कही गई है, लेकिन इससे ऊपर की रकम पर मर्चेंट चार्ज लगने की आशंका पर बहस छिड़ गई है।

अशनीर ग्रोवर ने इसे केवल 'टैक्स वसूली' करार देते हुए चेतावनी दी कि यदि ₹2,000 से ऊपर के भुगतानों पर चार्ज लगाया गया, तो व्यापारी और ग्राहक फिर से नकद (कैश) लेनदेन की ओर रुख कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि ₹2,000 से अधिक के लेनदेन संख्या में भले ही 4 प्रतिशत हों, लेकिन कुल वैल्यू में उनकी हिस्सेदारी 66 प्रतिशत है। इसके साथ ही उन्होंने बैंकों और एनपीसीआई (NPCI) के भारी मुनाफे का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब बैंकिंग व्यवस्था पहले से लाभ में है, तो सफल डिजिटल सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ क्यों डाला जा रहा है।

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