दिल्ली में फिर बढ़ा ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल, ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने पर सरकार का फोकस
मोहित गौतम (दिल्ली) : दिल्ली में एक बार फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ मॉडल चर्चा में आ गया है। राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव, प्रदूषण और ईंधन खपत को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों के लिए नई कार्य व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं। इस पहल को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि शहरी प्रबंधन और पर्यावरण सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। हालिया घोषणाओं के अनुसार सप्ताह में कुछ दिनों तक घर से काम करने की व्यवस्था को बढ़ावा देने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा और ट्रैफिक प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में कर्मचारी एक साथ कार्यालय आने-जाने से बचते हैं, तो ट्रैफिक जाम और वायु प्रदूषण दोनों में कमी आ सकती है। दिल्ली लंबे समय से ट्रैफिक और प्रदूषण की गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। पीक आवर्स में सड़क पर वाहनों की भारी संख्या न केवल लोगों के समय को प्रभावित करती है, बल्कि ईंधन खपत और कार्बन उत्सर्जन भी बढ़ाती है। ऐसे में ‘वर्क फ्रॉम होम...