पंजाब के मौर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक सुखवीर सिंह मैसरखाना द्वारा राज्य की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर सवाल उठाने के बाद पार्टी नेतृत्व ने उन पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। आम आदमी पार्टी ने विधायक को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है।
विधायक मैसरखाना ने एक बयान जारी कर अपनी ही सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कहा कि उनके अपने बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं, इसलिए एक अभिभावक के तौर पर स्कूलों में शिक्षकों की कमी को लेकर उनकी चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई स्कूलों में अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
विधायक के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सहित अन्य विपक्षी दलों ने इस निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी ही सरकार की कमियों को उजागर करने वाले जन प्रतिनिधि पर इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं, आम आदमी पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पार्टी के आंतरिक मंचों के बजाय सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।