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दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर भारी सुरक्षा बल तैनात, 45 मेट्रो स्टेशन बंद और सीमाओं पर लगा भीषण जाम

राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। नई दिल्ली और एनडीएमसी (NDMC) क्षेत्र समेत संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बल मुस्तैद हैं। एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए हैं, वहीं रेल यातायात पर भी सुरक्षा उपायों का असर पड़ा है।

सुरक्षा इंतजामों के चलते दिल्ली की सीमाओं, विशेषकर चिल्ला बॉर्डर और आसपास के प्रवेश मार्गों पर पुलिस चेकिंग बढ़ा दी गई है, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। सुरक्षा बलों द्वारा लुटियंस दिल्ली और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर वाहनों की गहन जांच की जा रही है।

इस राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम के बीच विभिन्न राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। शासन-प्रशासन का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से ये एहतियाती कदम उठाए गए हैं और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के चलते रेल यातायात प्रभावित: 10 अक्टूबर को 215 ट्रेनें रद्द, 170 पैसेंजर गाड़ियां भी शामिल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और सुरक्षा कारणों से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी के चलते रेल सेवाओं पर बड़ा असर पड़ा है। उत्तर रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर को दिल्ली आने और यहां से जाने वाली कुल 215 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इनमें नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली जंक्शन और तिलक ब्रिज स्टेशनों से होकर गुजरने वाली 45 प्रमुख एक्सप्रेस व मेल गाड़ियां और 170 लोकल पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।

उत्तर रेलवे प्रशासन के अनुसार, सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पाबंदियों के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। रद्द की गई ट्रेनों में गाजियाबाद, पानीपत, कुरुक्षेत्र, जींद, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ, रेवाड़ी और पलवल रूट पर चलने वाली ईएमयू और पैसेंजर ट्रेनें प्रमुख रूप से प्रभावित हुई हैं।

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ट्रेनों की अद्यतन स्थिति और समय-सारणी अवश्य जांच लें। स्टेशन परिसरों में यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल और रेलवे स्टाफ को तैनात किया गया है।

स्टारलिंक मुद्दे पर राहुल गांधी के बयान पर भड़की भाजपा, लगाया विदेशी धन्ना सेठों के कठपुतली बनने और U-Turn लेने का आरोप

विदेशी उद्योगपति एलन मस्क और उनकी कंपनी स्टारलिंक को लेकर सोशल मीडिया पर जारी बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी का राजनीतिक रुख विदेशी ताकतों और विदेशी उद्योगपतियों के इशारों पर निर्भर हो गया है।

भाजपा द्वारा जारी बयान में कहा गया कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर जाकर भारतीय लोकतंत्र पर सवाल उठाते रहे हैं और अब देश की घरेलू एवं आर्थिक नीतियों को प्रभावित करने के लिए विदेशी अरबपतियों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि एक साल पहले तक जो कांग्रेस पार्टी स्टारलिंक जैसी विदेशी सैटेलाइट इंटरनेट कंपनियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य चिंताओं को लेकर बयानबाजी करती थी, वह अब अचानक इसके समर्थन में U-Turn क्यों ले रही है।

भाजपा ने स्पष्ट किया कि भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और देश की नीतियां किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तय नहीं होतीं, बल्कि भारत की संसद और सरकार द्वारा जनहित में बनाई जाती हैं। पार्टी ने राहुल गांधी के इस रुख की तुलना ऐतिहासिक संदर्भों से करते हुए कहा कि विदेशी ताकतों के साथ सुर से सुर मिलाकर देश की व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने कहा कि देश की जनता ऐसे राजनीतिक बयानों और विदेशी उद्योगपतियों के प्रभाव में बनाई जा रही रणनीतियों को भली-भांति समझ रही है।