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दिल्ली के तिगड़ी में दिल दहला देने वाली वारदात: सब्जी बनाने के विवाद में पति ने पत्नी की गोली मारकर की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

दक्षिणी दिल्ली के तिगड़ी थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद में एक दर्दनाक हत्याकांड का मामला सामने आया है। शुक्रवार शाम सब्जी बनाने को लेकर हुए मामूली विवाद में पति ने अपनी पत्नी की देसी कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त आरोपी पति नशे की हालत में था।

गोली चलने की आवाज सुनकर जब पड़ोसी मौके पर पहुंचे, तो आरोपी कमलेश ने उन्हें गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पड़ोसियों ने उसे पकड़कर तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतका पूनम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है और वारदात में इस्तेमाल अवैध देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है।

जानकारी के अनुसार दंपति छह महीने पहले ही तिगड़ी इलाके में किराए के मकान में रहने आया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति से पूछताछ शुरू कर दी है।

डूसू चुनाव 2026 वोटों की गिनती जारी: अध्यक्ष पद पर ABVP और NSUI में कांटे की टक्कर, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी ने बनाई बड़ी बढ़त

दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों के लिए वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। 40.46 प्रतिशत मतदान के बाद सुबह से शुरू हुई मतगणना में चार मुख्य पदों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई (NSUI) के विजय शंकर मीणा और एबीवीपी (ABVP) के यश डबास के बीच पल-पल बढ़त बदल रही है।

शुरुआती दौर में बढ़त बनाने के बाद यश डबास को पछाड़कर विजय शंकर मीणा आगे निकल गए हैं। वहीं, सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छावड़ी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए हुए हैं। चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर उपाध्यक्ष पद पर देखने को मिला है, जहां निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन भारी वोटों के अंतर से बढ़त बनाए हुए हैं। इसके अतिरिक्त संयुक्त सचिव पद पर भी एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा (SCS) के उम्मीदवार के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है।

पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी को बड़ा झटका: नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से भी 'ममता टीएमसी' प्रत्याशी ने वापस लिया नामांकन

पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों से ठीक पहले पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को एक और बड़ा झटका लगा है। नंदीग्राम सीट से प्रत्याशी संचिता प्रधान दे के पीछे हटने के बाद, शनिवार को नामांकनों की वापसी के अंतिम दिन रेजीनगर सीट से 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के उम्मीदवार रबिउल आलम चौधरी ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया है।

इसके साथ ही 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में दोनों ही विधानसभा क्षेत्रों में ममता बनर्जी के गुट का कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं रहेगा। रबिउल आलम चौधरी ने नाम वापसी का कारण चुनाव आयोग द्वारा दिए गए नए चुनाव चिह्न 'फुटबॉलर' को लेकर मतदाताओं के बीच पहचान बनाने में आ रही दिक्कतों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पड़ रहे भारी दबाव को बताया। इससे पहले चुनाव आयोग ने अंतरिम आदेश जारी कर तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम और 'घास-फूल' चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए दोनों गुटों को नए नाम और प्रतीक आवंटित किए थे।

रूस और ईरान पर अमेरिकी कसौटी: ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम एक्ट' पर किए हस्ताक्षर, भारत-चीन पर लग सकता है 100% तक टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'लिंडसे ओ. ग्राहम रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून 2026' (H.R. 5334) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे भारत और चीन जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस कानून का मुख्य उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र, रक्षा उद्योग, वरिष्ठ अधिकारियों और 'शैडो फ्लीट' (गुप्त तेल बेड़े) पर कड़े प्रतिबंध लगाना है। इसके साथ ही ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ा दिया गया है।

इस अधिनियम के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को अधिकार दिया गया है कि वे कानून लागू होने से पिछले 12 महीनों में रूसी कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के शीर्ष पांच खरीदार देशों के आयातित सामानों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकते हैं। कानून हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर प्रभावी हो जाएगा। हालांकि, इसमें राष्ट्रपति को राष्ट्रीय हित में छूट (वेवर) देने का विशेष अधिकार भी प्रदान किया गया है। भारत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा प्राथमिकता है और वह अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

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