आर्कटिक की दौड़: बर्फ पिघलने के साथ क्यों बढ़ रही है महाशक्तियों की दिलचस्पी?
मोहित गौतम (दिल्ली) : दुनिया में जलवायु परिवर्तन का सबसे स्पष्ट असर यदि किसी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, तो वह आर्कटिक है। यहां की बर्फ पहले की तुलना में तेजी से पिघल रही है। यह बदलाव केवल पर्यावरण के लिए चिंता का विषय नहीं है, बल्कि वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए भी एक नया मोड़ लेकर आया है। जिस क्षेत्र को कभी बर्फ से ढका और दुर्गम माना जाता था, वही आज दुनिया की बड़ी शक्तियों के लिए रणनीतिक महत्व का केंद्र बनता जा रहा है। आर्कटिक क्षेत्र में विशाल मात्रा में तेल, प्राकृतिक गैस और दुर्लभ खनिज संसाधनों के होने का अनुमान लगाया जाता है। जैसे-जैसे बर्फ कम हो रही है, इन संसाधनों तक पहुंच आसान होती जा रही है। यही वजह है कि कई देश इस क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा और संसाधनों पर नियंत्रण भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। केवल प्राकृतिक संसाधन ही नहीं, बल्कि नए समुद्री व्यापार मार्ग भी इस क्षेत्र की अहमियत बढ़ा रहे हैं। यदि बर्फ लगातार कम होती है, तो एशिया और यूरोप के बीच समुद्री दूरी घट सकती है। इससे माल परिव...