राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके वायु प्रदूषण (AQI 377 के पार) से निपटने के लिए प्रशासन ने बेहद कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देशों के तहत 5 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक विशेष प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं, जिसके तहत कई पाबंदियां सख्त कर दी गई हैं।
इन नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूल उड़ाने वाले सभी प्रकार के निर्माण और तोड़फोड़ (Construction & Demolition) कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। हालांकि, जनता को राहत देते हुए मेट्रो, रेलवे, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक महत्व की बुनियादी परियोजनाओं के साथ-साथ घरों के भीतर की जाने वाली छोटी-मोटी मरम्मत (जैसे प्लंबिंग या इलेक्ट्रिकल कार्य) को इस रोक से छूट दी गई है, बशर्ते उनसे धूल न उड़े।
इसके अलावा, सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करने और यातायात जनित प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली से सटे प्रमुख एनसीआर शहरों (गुरुग्राम, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और सोनीपत) के सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने के चरम समय और आगामी त्योहारों के मद्देनजर यह 15-दिवसीय विशेष अवधि प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से बेहद अहम साबित होगी।