वेनेजुएला के बाद क्यूबा और कोलंबिया पर ट्रंप की सख्त चेतावनी, बढ़ा लैटिन अमेरिका में तनाव
मोहित गौतम (दिल्ली) : वेनेजुएला में जारी राजनीतिक संकट के बाद अब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से पूरे लैटिन अमेरिका में हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि वेनेजुएला के बाद क्यूबा और कोलंबिया जैसे देशों पर भी अमेरिका की नजर है। उनके इस बयान को क्षेत्रीय राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप का कहना है कि कुछ देश क्षेत्रीय सुरक्षा, अवैध गतिविधियों और राजनीतिक अस्थिरता को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिसका असर अमेरिका तक पहुंच रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया को लेकर विशेष चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कोलंबिया में नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा सुरक्षा को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। ट्रंप के अनुसार यदि हालात पर नियंत्रण नहीं किया गया तो अमेरिका सख्त कदम उठाने पर मजबूर हो सकता है। हालांकि कोलंबिया सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि वह क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

क्यूबा को लेकर भी ट्रंप का रुख काफी सख्त नजर आया। उन्होंने कहा कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है और वेनेजुएला संकट के बाद उसकी स्थिति और कमजोर हो सकती है। ट्रंप का मानना है कि क्यूबा को अपनी नीतियों में पारदर्शिता लानी होगी, अन्यथा उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस बयान के बाद क्यूबा में भी राजनीतिक और आर्थिक चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है।
वेनेजुएला संकट को लेकर ट्रंप प्रशासन पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है। अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला में लंबे समय से जारी राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक गिरावट ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित किया है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि अमेरिका वेनेजुएला पर शासन नहीं करना चाहता, लेकिन क्षेत्रीय सुरक्षा और अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के ये बयान अमेरिका की व्यापक लैटिन अमेरिका नीति का हिस्सा हैं। अमेरिका इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बनाए रखना चाहता है और अवैध गतिविधियों पर सख्ती दिखा रहा है। हालांकि कई विश्लेषकों का यह भी कहना है कि इस तरह की चेतावनियां क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं, जिससे राजनीतिक अस्थिरता और शरणार्थी संकट जैसी समस्याएं गहराने का खतरा है।
कुल मिलाकर वेनेजुएला के बाद क्यूबा और कोलंबिया को लेकर ट्रंप की चेतावनी ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में लैटिन अमेरिका वैश्विक राजनीति का एक अहम केंद्र बना रहेगा। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और इन देशों के बीच आगे संबंध किस दिशा में जाते हैं।