ऑनलाइन ठगी की शिकायत कैसे और कहां दर्ज करें
मोहित गौतम (दिल्ली) : डिजिटल युग में इंटरनेट हमारी जरूरत बन चुका है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराध की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग, यूपीआई फ्रॉड और डेटा चोरी जैसे अपराध आम लोगों को सीधे प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में समय पर साइबर क्राइम शिकायत दर्ज करना बेहद जरूरी हो जाता है। भारत में साइबर अपराध की शिकायत ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से की जा सकती है। सरकार ने इसके लिए एक विशेष पोर्टल शुरू किया है, जहां कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने से अपराध से जुड़े डिजिटल सबूत सुरक्षित रहते हैं और जांच प्रक्रिया तेज होती है।

साइबर क्राइम की शिकायत दर्ज करने के लिए सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाना होता है। यहां शिकायतकर्ता को मोबाइल नंबर या ईमेल के माध्यम से लॉगिन करना होता है। इसके बाद अपराध का प्रकार चुनकर पूरी जानकारी भरनी होती है, जैसे घटना की तारीख, समय, नुकसान की राशि और संबंधित स्क्रीनशॉट या ट्रांजैक्शन डिटेल।
अगर मामला वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़ा है, तो शिकायत जितनी जल्दी दर्ज की जाए उतना बेहतर होता है। शुरुआती कुछ घंटों में शिकायत करने से ठगी गई राशि को रोके जाने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी साइबर अपराध से जुड़ी लिखित शिकायत दी जा सकती है।
सरकार और पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या मैसेज पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें। इसके बावजूद अगर कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो घबराने की बजाय सही प्रक्रिया अपनाकर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। जागरूकता और समय पर कार्रवाई ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
डिजिटल भारत के इस दौर में सुरक्षित इंटरनेट इस्तेमाल करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। साइबर क्राइम शिकायत की सही जानकारी होने से न केवल व्यक्ति खुद सुरक्षित रहता है, बल्कि दूसरों को भी ऐसे अपराधों से बचाने में मदद मिलती है।