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दिल्ली में पत्नी की हत्या का खौफनाक मामला: वेब सीरीज से प्रेरित होकर रची साजिश, तीन दिन बाद आरोपी गिरफ्तार

मोहित गौतम (दिल्ली) : पूर्वी दिल्ली में पत्नी की हत्या से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें पुलिस ने 62 वर्षीय एक सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी का अपनी पत्नी के साथ लंबे समय से संपत्ति विवाद और घरेलू तनाव चल रहा था। आरोप है कि 30 जुलाई को घर में पत्नी की हत्या करने के बाद उसने कथित तौर पर सबूत मिटाने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक घटना के समय दंपति घर में अकेले थे। उनका बेटा लाइब्रेरी गया हुआ था, जबकि बेटी अपने कार्यालय गई थी। घरेलू सहायिका भी अपना काम पूरा करके घर से जा चुकी थी। इसी दौरान दोपहर करीब 12:45 बजे महिला बालकनी में कपड़े सुखा रही थी। पुलिस का आरोप है कि इसी समय पति ने पीछे से उस पर हमला किया।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती हमले के बाद महिला ने खुद को बचाने की कोशिश की और घर के दूसरे हिस्से की ओर भागी। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर उस पर दोबारा हमला किया। मामले की जांच के दौरान पुलिस को घर से एक हथियार मिला, जबकि दूसरा कथित हथियार घटना के बाद गायब था।

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने अपने कपड़े बदले और कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल हथियारों में से एक को लेकर घर से निकल गया। उसने रास्ते में उस सामान को ठिकाने लगाने की कोशिश की। इसके बाद वह स्कूटर से वहां से चला गया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आरोपी ने अपनी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए मोबाइल फोन और यात्रा के रास्ते से जुड़े कई कदम उठाए।

इस बीच परिवार के बेटे ने अपनी मां को कई बार फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शाम करीब 9:15 बजे जब वह घर पहुंचा तो उसने अपनी मां को गंभीर हालत में पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और जांच शुरू हुई।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा तकनीकी निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में मोबाइल फोन चालू रखा और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की तरफ बढ़ा। इससे जांच एजेंसियों को उसके नेपाल भागने की आशंका हुई।

पुलिस के मुताबिक, गोरखपुर पहुंचने के बाद आरोपी ने मोबाइल फोन बंद कर दिया और बाद में अपना रास्ता बदलकर मथुरा की ओर चला गया। जांच एजेंसियों का दावा है कि यह कदम पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश का हिस्सा था। लगातार तलाश के बाद पुलिस ने आरोपी को मथुरा रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से स्कूटर और कथित तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद करने की जानकारी दी है। जांच में बैंक खातों से निकाली गई रकम और घर में मौजूद नकदी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास कुल मिलाकर करीब 12 लाख रुपये से अधिक की राशि थी।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपराध के बाद सबूतों को कमजोर करने की योजना के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसने लोकप्रिय क्राइम वेब सीरीज द स्टेयरकेस में दिखाई गई अपराध से जुड़ी रणनीति से प्रेरणा लेने की बात कही। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह हत्या में इस्तेमाल हथियार को नष्ट या गायब करके पुलिस के लिए सबूत जुटाना मुश्किल बनाना चाहता था।

हालांकि किसी वेब सीरीज में दिखाई गई कहानी और वास्तविक अपराध की परिस्थितियां अलग होती हैं, इस मामले में पुलिस यह जांच कर रही है कि मनोरंजन सामग्री ने आरोपी की कथित योजना को किस हद तक प्रभावित किया। इस पहलू की पुष्टि अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के अंतिम निष्कर्षों के आधार पर ही होगी।

जांच में दंपति के वैवाहिक संबंधों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पिछले करीब एक साल से संबंध तनावपूर्ण थे। संपत्ति को लेकर विवाद के अलावा घरेलू मतभेद भी चल रहे थे। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी की मुंबई यात्रा के दौरान एक अन्य महिला से नजदीकी बढ़ने की जानकारी सामने आई थी, जिससे दंपति के बीच तनाव और बढ़ गया था।

पुलिस के अनुसार, पति और पत्नी एक ही घर में रहते थे, लेकिन दोनों के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। यहां तक कि घर के बिजली के बिल भी अलग अलग जमा किए जाते थे। जांच एजेंसियां अब इन सभी परिस्थितियों को घटना की पृष्ठभूमि से जोड़कर देख रही हैं।

इस मामले में पुलिस ने हत्या, कथित रूप से सबूत मिटाने और आरोपी के फरार होने की कोशिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर कथित हथियार और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की तलाश भी की जा रही है।

यह मामला इस बात को भी सामने लाता है कि किसी अपराध के बाद आरोपी द्वारा मोबाइल फोन बंद करना, रास्ता बदलना या सबूतों को छिपाने की कोशिश करना जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण सुराग बन सकता है। सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ सकती है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा। किसी भी आरोपी को अदालत के अंतिम फैसले से पहले दोषी मानना उचित नहीं है। जांच में सामने आए तथ्यों और पुलिस के दावों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर परखा जाएगा।

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