रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ थोपने से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंध विधेयक को लेकर भारत ने अपनी सख्त प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी संसद के निचले सदन में इस विधेयक पर होने वाली वोटिंग के बीच भारत सरकार ने रुख स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा और रूस से अपनी तेल की खरीद जारी रखेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जोर देकर कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और राष्ट्रीय हितों से जुड़े फैसले देश के 140 करोड़ नागरिकों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर लेता है। 'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग बिल' के तहत अमेरिका का लक्ष्य रूस से सर्वाधिक तेल आयात करने वाले देशों पर शिकंजा कसना है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा समझौते बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से संचालित होते रहेंगे।