प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के पूर्व सहपाठी होने का दावा करने वाले 81 वर्षीय असगरअली वोरा के लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद में बड़ी सफलता मिली है। पीएम मोदी से मुलाकात और केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच की गुहार लगाने के महज कुछ ही दिनों बाद, भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी निर्माण कंपनी ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर क्षेत्र में स्थित 2,810 वर्ग मीटर की इस बेशकीमती जमीन पर वर्ष 2011 से कब्जे और फर्जी दस्तावेजों के जरिए नामांतरण का विवाद चल रहा था।
प्रशासनिक स्तर पर मामला गरमाने के बाद संबंधित विकासकर्ता कंपनी 'सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस' ने मीरा-भायंदर नगर निगम को पत्र सौंपकर अपना निर्माण अनुमति पत्र (कमिश्रमेंट सर्टिफिकेट) सरेंडर कर दिया तथा पुलिस में दर्ज कराई गई पुरानी शिकायतों को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।