मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 8 अगस्त 2026 के दैनिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सप्ताह के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश होने की स्थिति में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रा करने वालों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
पूर्वी राजस्थान में भी सप्ताह के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और स्थानीय नदी नालों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और सड़कों पर भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार इन राज्यों में सप्ताह के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। जिन क्षेत्रों में पहले से पानी जमा है, वहां दोबारा तेज बारिश होने पर स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। केरल के कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का असर सड़क और स्थानीय परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। लगातार बारिश के दौरान नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। प्रशासन की ओर से किसी क्षेत्र में विशेष चेतावनी जारी की जाती है तो उसका पालन करना जरूरी होगा।
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी अगले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहेगा।
मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान से साफ है कि अगस्त के दूसरे सप्ताह की शुरुआत में देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पश्चिमी हिमालय से लेकर मध्य भारत और दक्षिण भारत तक अलग अलग मौसम प्रणालियों के कारण बारिश का प्रभाव दिखाई दे सकता है।
भारी बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले स्थानीय मौसम की स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए। गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना भी जरूरी है।
कुल मिलाकर 8 अगस्त 2026 से आने वाले दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बारिश की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहने वाली हैं। कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। स्थानीय स्तर पर मौसम की तीव्रता अलग अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी यात्रा या जरूरी गतिविधि से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट देखना बेहतर रहेगा।
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