दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026 के नतीजों में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन की ऐतिहासिक जीत सबसे बड़ी चर्चा का विषय बनी हुई है। एनएसयूआई (NSUI) के पूर्व कार्यकर्ता रहे दीपांशु ने रिकॉर्ड 30,615 वोट हासिल कर ABVP और NSUI दोनों के आधिकारिक उम्मीदवारों को बड़े अंतर से शिकस्त दी। उनकी इस जीत ने एबीवीपी को चारों केंद्रीय पदों पर कब्जा करने से रोक दिया। साल 2023 से छात्र राजनीति में सक्रिय और शहीद भगत सिंह कॉलेज के पूर्व छात्र प्रतिनिधि रहे दीपांशु ने दावा किया कि संगठन के अंदरूनी मतभेदों और नेतृत्व द्वारा अनुचित दबाव बनाए जाने के कारण उन्हें निर्दलीय मैदान में उतरना पड़ा।
वहीं एनएसयूआई का कहना है कि संगठनात्मक कमियों की सार्वजनिक आलोचना करने के कारण उनसे नामांकन वापस लेने को कहा गया था। जूते न पहनने के 'न्याय सत्याग्रह' संकल्प और जमीनी जुड़ाव के दम पर चुनाव लड़ने वाले दीपांशु डूसू इतिहास के सबसे चर्चित निर्दलीय विजेताओं में शामिल हो गए हैं।