संसद अपडेट: लोकसभा में टैक्स संशोधन विधेयक 2026 पास, राज्यसभा में जंतर मंतर मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
मोहित गौतम (दिल्ली) : संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को कई महत्वपूर्ण विधायी और राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिले। लोकसभा ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दे दी, जबकि राज्यसभा में जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस का माहौल बना रहा।
लोकसभा द्वारा पारित टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक 2026 का उद्देश्य विभिन्न वित्तीय और कर संबंधी कानूनों में संशोधन करना है। इसके तहत पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट 2007, आयकर अधिनियम 2025 और वित्त अधिनियम 2026 में आवश्यक बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य कर व्यवस्था और भुगतान प्रणाली को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है।
इसी दिन राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2026 को लोकसभा को वापस भेज दिया। यह विधेयक पहले लोकसभा से पारित हो चुका था। इसका उद्देश्य वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत की संचित निधि से विभिन्न सरकारी सेवाओं और योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि के उपयोग को वैधानिक स्वीकृति प्रदान करना है।
संसद के उच्च सदन में राजनीतिक माहौल उस समय और गर्म हो गया जब कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आधिकारिक बयान देना चाहिए।
विपक्ष का कहना था कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे हैं और इन पर संसद में सरकार का पक्ष सामने आना चाहिए। विपक्ष ने इस विषय को लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़ा मुद्दा बताया।
राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से कहा कि वे विपक्ष की भावनाओं और मांग को केंद्रीय गृह मंत्री तक पहुंचाएं। इसके बाद सदन में इस मुद्दे पर आगे की रणनीति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी रहीं।
मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर टकराव देखने को मिल रहा है। आर्थिक विधेयकों के साथ-साथ कानून व्यवस्था, विरोध प्रदर्शन और प्रशासनिक फैसलों को लेकर भी संसद में लगातार बहस हो रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के मौजूदा सत्र में आर्थिक सुधारों से जुड़े विधेयकों और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे जनहित के मुद्दों के कारण सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस जारी रह सकती है। दोनों पक्ष अपने अपने तर्कों के साथ संसद के भीतर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
संसद में पारित होने वाले विधेयकों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर होने वाली चर्चा का असर आने वाले समय में सरकार की नीतियों और प्रशासनिक निर्णयों पर भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में मानसून सत्र के आगामी दिनों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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