Weather Update 10 August 2026: MP में बेहद भारी बारिश, उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के बीच भारी बारिश का दौर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से 10 अगस्त 2026 को जारी जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश हुई, जबकि अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार 9 अगस्त की सुबह 8:30 बजे से 10 अगस्त की सुबह 8:30 बजे तक दर्ज बारिश के आंकड़ों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश देखने को मिली। मानचित्र में पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश का प्रभाव दिखाई दे रहा है। इससे संकेत मिलता है कि मध्य भारत में मानसून की गतिविधियां अभी भी मजबूत बनी हुई हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में नदियों, नालों और जलाशयों के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
उत्तराखंड में भी पिछले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश का असर मैदानी इलाकों की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और अचानक जलभराव जैसी स्थिति बन सकती है। पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। राज्य के कई हिस्सों में पहले से सक्रिय मानसून के कारण बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और स्थानीय सड़क संपर्क प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है।
ओडिशा में भी भारी बारिश का असर दर्ज किया गया है। राज्य के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले समय में भी बारिश जारी रहने की संभावना बनी हुई है। भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज हुई। इन क्षेत्रों में बारिश का असर स्थानीय यातायात, कृषि गतिविधियों और सामान्य जनजीवन पर पड़ सकता है। खेतों में काम करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी।
IMD की ओर से जारी बारिश के वर्गीकरण के अनुसार 7 से 11 सेंटीमीटर बारिश को भारी बारिश, 11 से 20 सेंटीमीटर को बहुत भारी बारिश और 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश को बेहद भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। जारी आंकड़ों में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर सबसे गंभीर श्रेणी की बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है। गरज चमक होने पर लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। यदि मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित और मजबूत इमारत के अंदर रहना बेहतर होता है।
शहरी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो सकता है। वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पानी की गहराई का अंदाजा न होने पर ऐसे रास्तों से गुजरने से बचना सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
कुल मिलाकर 10 अगस्त 2026 को देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में बेहद भारी बारिश, जबकि उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश का असर देखने को मिला है। आने वाले दिनों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें और अपने जिले के स्थानीय मौसम अलर्ट पर नजर रखें। विशेष रूप से पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बारिश बढ़ने पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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