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Weather Update 10 August 2026: मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड बारिश, सीहोर में 210 MM बारिश दर्ज

मोहित गौतम (दिल्ली) : मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के 10 अगस्त 2026 के बारिश आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश सीहोर जिले के श्यामपुर में दर्ज की गई, जहां 210 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार श्यामपुर, सीहोर में 210 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भोपाल जिले के नवीबाग एईटी में 203.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। राजगढ़ जिले के सारंगपुर में 190.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं मंडला जिले के मोहगांव में 187.2 मिलीमीटर बारिश हुई।

भोपाल के बैरागढ़ एयरपोर्ट क्षेत्र में भी 175.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सीहोर एडब्ल्यूएस में 170 मिलीमीटर और जबलपुर जिले के सिहोरा में 165.3 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश काफी तेज रही।

सबसे अधिक बारिश पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाकों में देखने को मिली है। सीहोर, भोपाल और राजगढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने के साथ सड़क यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

सीहोर में श्यामपुर में 210 मिलीमीटर बारिश दर्ज होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इतनी अधिक बारिश कम समय में होने पर स्थानीय नदियों, नालों और जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने की स्थिति भी बन सकती है।

भोपाल में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हुई है। नवीबाग एईटी में 203.2 मिलीमीटर और बैरागढ़ एयरपोर्ट में 175.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राजधानी क्षेत्र में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों, सड़कों और जल निकासी व्यवस्था पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

राजगढ़ के सारंगपुर में 190.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के मंडला और जबलपुर में भी भारी बारिश का प्रभाव दिखाई दिया। मंडला के मोहगांव में 187.2 मिलीमीटर और जबलपुर के सिहोरा में 165.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बारिश केवल पश्चिमी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि राज्य के पूर्वी हिस्सों में भी मजबूत मानसूनी गतिविधि देखने को मिली। ऐसे में आने वाले समय में स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

भारी बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना चाहिए और तेज बहाव वाले नालों या नदी के किनारे जाने से सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान बिजली चमकने की स्थिति में खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहता है।

किसानों के लिए भी भारी बारिश महत्वपूर्ण है। एक ओर पर्याप्त बारिश फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन कम समय में बहुत अधिक बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जल निकासी की व्यवस्था महत्वपूर्ण हो जाती है।

मध्य प्रदेश में बारिश का यह दौर मानसून की सक्रियता को दर्शाता है। हालांकि किसी एक दिन के बारिश आंकड़े के आधार पर पूरे मानसून के प्रदर्शन का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। अलग अलग जिलों में बारिश की मात्रा और प्रभाव काफी अलग हो सकता है।

फिलहाल 10 अगस्त 2026 के उपलब्ध आंकड़ों में सीहोर का श्यामपुर 210 मिलीमीटर बारिश के साथ सबसे ऊपर रहा। भोपाल, राजगढ़, मंडला और जबलपुर के कई क्षेत्रों में भी 160 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में प्रशासन की स्थानीय चेतावनियों का पालन करना और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखना जरूरी है।

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