South India Rain: केरल में बारिश से 8 मौतें, हजारों लोग राहत शिविरों में, कर्नाटक में भूस्खलन से परिवार के 3 लोगों की जान गई
मोहित गौतम (दिल्ली) : दक्षिण भारत के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। केरल में बारिश, जलभराव और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं के कारण कई लोगों की जान गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दूसरी ओर कर्नाटक के शिवमोगा जिले में भूस्खलन की एक दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
केरल में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक आठ लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। कई लोगों के लापता होने की भी सूचना है, जबकि कुछ लोग घायल हुए हैं। खराब मौसम और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए हजारों लोगों को उनके घरों से सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। राज्य के अलग अलग हिस्सों में सैकड़ों राहत केंद्रों की व्यवस्था की गई है, जहां प्रभावित लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बारिश की तीव्रता में पिछले दिन की तुलना में कुछ कमी आने से लोगों को आंशिक राहत मिली है। इसके बावजूद कई इलाकों में जलभराव, सड़क क्षति और मिट्टी खिसकने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और स्थानीय अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
बारिश और बाढ़ के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि बड़ी संख्या में मकानों को आंशिक नुकसान होने की जानकारी मिली है। प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास और आवश्यक सहायता की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन की ओर से क्षति का आकलन भी शुरू कर दिया गया है, ताकि प्रभावित लोगों को नियमों के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
राज्य सरकार ने कहा है कि जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को सहायता देने के साथ ही बेघर हुए परिवारों और आजीविका या फसलों का नुकसान झेलने वाले लोगों के लिए भी जरूरी मदद की व्यवस्था की जाएगी। घायल लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बारिश कम होने के बाद कुछ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और स्वच्छता अभियान शुरू किया गया है। जलभराव कम होने के साथ ही कई जगहों पर गंदगी और दूषित पानी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन सफाई, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था मजबूत करने में जुटा है।
पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और जरूरत न होने पर जोखिम वाले क्षेत्रों की यात्रा से बचने की अपील की है। भारी बारिश के दौरान नदी, नालों और ढलान वाले इलाकों के पास जाने से भी बचने की सलाह दी जा रही है।
सबरीमाला जाने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए भी मौसम को लेकर सतर्कता की सलाह जारी की गई है। भारी बारिश, पंपा नदी में बढ़े जलस्तर और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों से अपनी यात्रा की स्थिति पर दोबारा विचार करने को कहा गया है। श्रद्धालुओं को स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी ताजा सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
उधर कर्नाटक के मलनाड क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण शिवमोगा जिले में भूस्खलन की घटना हुई। इंदिरा नगर इलाके में देर रात हुए इस हादसे में एक अस्थायी आवास मलबे की चपेट में आ गया। शेड के भीतर रह रहे एक मजदूर परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में एक व्यक्ति, उनकी पत्नी और उनके छोटे बच्चे की जान चली गई। परिवार मूल रूप से कर्नाटक के ही दूसरे जिले का रहने वाला बताया गया है और पिछले कुछ समय से उस अस्थायी शेड में रह रहा था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस, अग्निशमन विभाग और आपातकालीन बचाव दल मौके पर पहुंचे। बचाव कर्मियों ने मलबा हटाकर प्रभावित लोगों को बाहर निकाला। पास में रहने वाला एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घटना की जानकारी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा मानसून के दौरान पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सामने मौजूद जोखिम को फिर सामने लाता है। अस्थायी आवासों में रहने वाले मजदूर परिवारों के लिए लगातार बारिश के समय सुरक्षा व्यवस्था और समय पर चेतावनी की जरूरत और अधिक बढ़ जाती है।
दक्षिण भारत में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी हैं और मौसम की स्थिति के अनुसार आगे के कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है।
Khabar.com.IN
देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों तथा मौसम से जुड़े बदलते घटनाक्रमों को सरल, स्वतंत्र और तथ्य आधारित भाषा में समझने के लिए जुड़े रहिए Khabar.com.IN के साथ।