मोहित गौतम (दिल्ली) : दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक मदद देने का प्रावधान बताया गया है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को वित्तीय सहयोग देना और उन्हें अपनी जरूरतों से जुड़े फैसले लेने में अधिक सक्षम बनाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है। उनके अनुसार, यह सहायता केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं होगी, बल्कि महिलाओं को बचत, जरूरी खर्चों और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए अतिरिक्त सहारा भी दे सकती है। योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
दिल्ली सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 27 के बजट में 5,110 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार के अनुमान के अनुसार, योजना पूरी तरह लागू होने के बाद दिल्ली की 17 लाख से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सकता है। हालांकि लाभार्थियों की अंतिम संख्या पंजीकरण, दस्तावेजों की जांच और पात्रता की पुष्टि के बाद तय होगी।
योजना के लिए आयु और आय से संबंधित कुछ शर्तें निर्धारित की गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 21 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाएं योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके साथ ही परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये या उससे कम होना जरूरी बताया गया है। आवेदन के दौरान आय, आयु और निवास से संबंधित जानकारी की जांच की जा सकती है।
कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। आयकर का भुगतान करने वाली, जीएसटी से जुड़ी कुछ श्रेणियों में आने वाली, सरकारी नौकरी करने वाली या किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त करने वाली महिलाएं पात्र नहीं हो सकती हैं। अंतिम पात्रता का निर्णय सरकारी नियमों और आवेदन की जांच के आधार पर होगा।
परिवार की आर्थिक स्थिति और कुछ अन्य मानकों को भी पात्रता से जोड़ा गया है। जिन परिवारों के पास चार पहिया वाहन है या जिनकी वार्षिक बिजली खपत निर्धारित सीमा से अधिक है, वे योजना के लिए पात्र नहीं हो सकते। सरकारी विभागों या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत परिवार के सदस्यों से जुड़े नियम भी लागू हो सकते हैं।
योजना में परिवार से संबंधित कुछ अतिरिक्त शर्तों का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, तीन से अधिक बच्चों वाले परिवारों की महिलाओं को योजना से बाहर रखा जा सकता है। आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़ी शर्तें भी पात्रता की जांच का हिस्सा हो सकती हैं। ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय संबंधित सरकारी दिशा निर्देशों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद होगा।
दिल्ली लक्ष्मी योजना में आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए अलग अलग विकल्प दिए जाने की जानकारी है। एक विकल्प के तहत मासिक सहायता का एक हिस्सा रिकरिंग डिपॉजिट या फिक्स्ड डिपॉजिट में जमा किया जा सकता है। शेष राशि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में भेजे जाने का प्रावधान बताया गया है। इस राशि का उपयोग सरकार द्वारा स्वीकृत आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सकता है।
दूसरे विकल्प के तहत लाभार्थी पूरी मासिक सहायता को बचत से जुड़े खाते में जमा कराने का विकल्प चुन सकती हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य महिलाओं को केवल तत्काल खर्च के लिए सहायता देना नहीं, बल्कि बचत की आदत को बढ़ावा देना भी है। हालांकि भुगतान के विकल्प और राशि के उपयोग से जुड़े नियम सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार तय होंगे।
योजना के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे पंजीकरण से पहले अपनी आयु, परिवार की आय और अन्य पात्रता शर्तों की जांच कर लें। आवेदन के दौरान सही जानकारी देना जरूरी होगा। गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर आवेदन को रोका या अस्वीकार किया जा सकता है।
दिल्ली लक्ष्मी योजना को राजधानी में महिलाओं के आर्थिक सहयोग और वित्तीय भागीदारी को बढ़ाने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि योजना तय नियमों के अनुसार व्यापक स्तर पर लागू होती है, तो इससे बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को नियमित सहायता मिल सकती है। साथ ही बचत और डिजिटल भुगतान से जुड़े विकल्प महिलाओं की वित्तीय भागीदारी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी पात्रता, पंजीकरण, दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया में समय के साथ नए दिशा निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले महिलाओं को केवल दिल्ली सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और नवीनतम नियमों को ध्यान से देखना चाहिए।
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