Search Article (लेख खोजें)

Latest Updates
Latest News Loading...

15 सितंबर को गुजरात और मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश, कई राज्यों में भारी वर्षा दर्ज

मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 15 सितंबर 2026 के वर्षा अवलोकन के अनुसार, पिछले 24 घंटे के दौरान गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र एवं कच्छ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल में भी बहुत भारी वर्षा दर्ज हुई।

मौसम विभाग के अनुसार, यह बारिश 14 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 15 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक के 24 घंटे की अवधि में दर्ज की गई है। इस दौरान पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता देखने को मिली।

गुजरात क्षेत्र में कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में भी बारिश का प्रभाव काफी रहा। पिछले दिनों से गुजरात में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बारिश का दौर जारी है। कुछ इलाकों में तेज बारिश के चलते जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी सामने आ सकती है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और स्थानीय जल स्रोतों में जलस्तर बढ़ने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में भारी बारिश देखने को मिली। इन क्षेत्रों में बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना रहती है।

उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्से भी बारिश से प्रभावित रहे। मौसम विभाग के अवलोकन में पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश दर्ज की गई। मानसून की सक्रियता के कारण इन क्षेत्रों में भी कई स्थानों पर बारिश का दौर बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात की गति प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लोगों को जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों या नदी क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

किसानों के लिए भी लगातार बारिश महत्वपूर्ण है। जहां पर्याप्त बारिश से फसलों को फायदा मिल सकता है, वहीं अत्यधिक बारिश खेतों में पानी जमा होने की समस्या पैदा कर सकती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर जल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।

गुजरात और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज होने के बीच मौसम विभाग लगातार देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता के आधार पर बारिश की गतिविधियों में बदलाव हो सकता है।

इस बीच मानसून की वापसी को लेकर भी मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं। पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से करीब 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, मानसून की वापसी एक क्रमिक प्रक्रिया होती है और देश के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर अलग-अलग समय पर दिखाई देता है।

नागरिकों को सलाह दी जाती है कि तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में निचले इलाकों और जलभराव वाली सड़कों से सावधानी बरतना जरूरी है।

Khabar.com.IN

Popular Posts