मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं महिला पत्रकारों के साथ कथित उत्पीड़न और बदसलूकी के आरोपों के बीच दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (एडिशनल डीसीपी) का करंट ड्यूटी चार्ज देने संबंधी अपने हालिया आदेश में संशोधन कर दिया है। इस संशोधित आदेश के तहत दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत को एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज नहीं दिया जाएगा, जबकि शेष 11 अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
दिल्ली सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, एसीपी विवेक भगत ने स्वयं ही यह स्वेच्छा से अनुरोध किया था कि जब तक महिला पत्रकारों के उत्पीड़न के आरोपों की जांच पूरी होकर किसी संतोषजनक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच जाती, तब तक उन्हें यह अतिरिक्त पदभार न दिया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि 12 अधिकारियों को एडिशनल डीसीपी का कार्यभार देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को ही शुरू कर दी गई थी, जो कि हालिया घटनाक्रम से काफी पहले की है। यह व्यवस्था एक अस्थायी व्यवस्था है और इससे अधिकारियों को कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता। विवेक भगत के आग्रह को स्वीकार करते हुए सरकार ने केवल 11 अधिकारियों के लिए नया संशोधित आदेश जारी किया है।