दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में 21 मार्च 2001 से पहले स्वीकृत की गई 15 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली सभी इमारतों के लिए स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा, 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली लेकिन अधिक जन-आवाजाही वाली इमारतों जैसे स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ग्रुप हाउसिंग और मॉल को भी इस जांच दायरे में शामिल किया गया है।
सार्वजनिक सूचना के अनुसार, भवन मालिकों और कब्जाधारियों को तीन महीने के भीतर नगर निगम या सरकारी एजेंसियों के पैनल में शामिल अधिकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियरों से यह सुरक्षा ऑडिट पूरा कराना होगा, जिसका खर्च भी खुद उन्हें ही वहन करना होगा। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे और भूकंपीय सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। डीडीए ने स्पष्ट किया है कि ऑडिट में कमी पाए जाने पर अनिवार्य रेट्रोफिटिंग करानी होगी और समय सीमा का पालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।