मोहित गौतम (दिल्ली) : BRICS शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी दिल्ली में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस मुख्यालय का दौरा कर सम्मेलन के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आम लोगों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दिल्ली जैसे व्यस्त महानगर में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान यातायात व्यवस्था एक बड़ी चुनौती बन जाती है। BRICS शिखर सम्मेलन में VVIP और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों की आवाजाही के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी केवल VVIP मूवमेंट को सुरक्षित और सुचारु बनाना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की आवाजाही को भी यथासंभव प्रभावित होने से बचाना है।
दौरे के दौरान उपराज्यपाल ने विशेष रूप से उन इलाकों पर नजर रखने के निर्देश दिए जहां सामान्य दिनों में भी जाम की समस्या बनी रहती है। ट्रैफिक हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां पहले से पर्याप्त इंतजाम करने, यातायात की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल व्यवस्था में बदलाव करने पर जोर दिया गया।
उपराज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि VVIP आवाजाही के दौरान आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। दिल्ली में रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के कारण यातायात प्रतिबंध या मार्ग परिवर्तन होने की स्थिति में नागरिकों को समय रहते उचित जानकारी उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
बैठक और समीक्षा के दौरान विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर भी विशेष जोर दिया गया। बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान प्रदान और समन्वय यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाता है। किसी मार्ग पर अचानक यातायात का दबाव बढ़ने, किसी VVIP काफिले की आवाजाही या किसी अन्य आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेने के लिए आपसी समन्वय जरूरी होगा।
BRICS सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली के प्रमुख मार्गों, महत्वपूर्ण चौराहों और संभावित VVIP रूट पर विशेष निगरानी रखे जाने की उम्मीद है। ट्रैफिक पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सुरक्षा व्यवस्था और सामान्य यातायात के बीच संतुलन कायम रखा जाए। इसके लिए ट्रैफिक हॉटस्पॉट पर अतिरिक्त निगरानी के साथ वैकल्पिक यातायात व्यवस्था को भी सक्रिय रखने की आवश्यकता होगी।
राजधानी में बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन के लिए पहले से योजना बनाना महत्वपूर्ण माना जाता है। VVIP मूवमेंट के समय कुछ मार्गों पर अस्थायी रूप से यातायात नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव कम से कम क्षेत्र तक सीमित रखने के लिए ट्रैफिक अधिकारियों को लगातार स्थिति का आकलन करना होगा।
उपराज्यपाल के निर्देशों के बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की तैयारियों में आम नागरिकों की सुविधा को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि BRICS जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत बनी रहे तथा राजधानी की सामान्य गतिविधियां भी अधिक प्रभावित न हों।
BRICS शिखर सम्मेलन भारत की कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में राजधानी में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और VVIP मेहमानों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के साथ दिल्ली के करोड़ों लोगों के दैनिक जीवन को सुचारु बनाए रखना भी प्रशासन के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी। ट्रैफिक हॉटस्पॉट की निगरानी, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आम नागरिकों की सुविधा पर दिए गए निर्देश इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
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