प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और नीतिगत सुधारों को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) 700 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और वैश्विक स्तर पर भारत की बैंकिंग व्यवस्था सबसे मजबूत प्रणालियों में शामिल है। इसी आर्थिक स्थिरता और मजबूती का परिणाम है कि आज भारत की सॉवरेन रेटिंग में सुधार हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार स्पष्ट नीतिगत दिशा के साथ सुधारों को आगे बढ़ा रही है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) के लागू होने से जटिल कर प्रणालियों को एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार में बदला गया है, दिवालियापन कानून (Insolvency Law) लागू किया गया है और श्रम कानूनों (Labour Codes) को सुगम बनाकर 29 कानूनों को चार सरल संहिताओं में समेकित किया गया है। इसके अलावा व्यापार से जुड़े सैकड़ों छोटे नियमों का सरलीकरण किया गया है।
प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि भारत में सुधारों का यह सफर निरंतर जारी है और देश की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' तीव्र गति से आगे बढ़ रही है। सरकार के लिए आर्थिक सुधार कोई मजबूरी नहीं, बल्कि देश की प्रगति के प्रति अटूट संकल्प है।