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दिल्ली समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की संभावना

मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान कई राज्यों में बारिश को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। बुधवार 2 सितंबर 2026 को जारी दैनिक मौसम परिचर्चा के अनुसार उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से मध्य भारत और उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

मौसम विभाग के अनुसार इस मौसम प्रणाली के असर से पूर्वी उत्तर प्रदेश, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और बिहार में 2 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के बीच, उत्तराखंड में 2 से 5 सितंबर के बीच और उप हिमालयी पश्चिम बंगाल में 2 से 3 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में भी मौसम का असर अधिक दिखाई दे सकता है। विभाग ने 2 और 3 सितंबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 4 और 5 सितंबर को भी पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने इस क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। मध्य भारत में पहले से सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण आने वाले दिनों में बादल छाए रहने और कई इलाकों में रुक रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट लेता दिखाई दे रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 सितंबर को बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2 से 4 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों को लेकर सतर्क रहने की जरूरत होगी।

उत्तराखंड में अगले कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 2 से 5 सितंबर के बीच राज्य में बारिश की संभावना जताई है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान सड़क मार्गों पर मलबा आने, फिसलन बढ़ने और स्थानीय नदियों एवं नालों में जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी मौसम पूरी तरह शांत रहने वाला नहीं है। हिमाचल प्रदेश में 2 से 5 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना जताई गई है। जम्मू कश्मीर लद्दाख क्षेत्र में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि देश के दक्षिणी हिस्सों में मानसून की सक्रियता उत्तर और मध्य भारत की तुलना में कमजोर रह सकती है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया है।

मौसम वैज्ञानिकों की नजर उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव वाले क्षेत्र पर बनी हुई है। ऐसी मौसम प्रणालियां अपनी स्थिति और तीव्रता के आधार पर आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। वर्तमान प्रणाली के कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लोगों के लिए भी आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के व्यापक पूर्वानुमान के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 3 और 4 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश की संभावना है। इससे पहले 2 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर बारिश और गरज चमक की स्थिति बन सकती है। बारिश के दौरान दिल्ली में यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है।

मानसून के इस दौर में लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय मौसम चेतावनियों पर ध्यान दें। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं शहरी क्षेत्रों में वाहन चालकों को जलभराव वाले रास्तों पर तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए।

कुल मिलाकर अगले कुछ दिनों में देश के मध्य और उत्तरी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश से जुड़ी मौसम प्रणाली के कारण कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता तथा क्षेत्र में बदलाव के अनुसार नए मौसम अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।

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