देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बिहार से गुजरात तक मौसम रहेगा चुनौतीपूर्ण
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, गुजरात क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा उत्तराखंड में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, 14 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे तक दर्ज किए गए बारिश के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां काफी प्रभावी बनी हुई हैं। कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश दर्ज होने से स्थानीय स्तर पर जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
झारखंड और आसपास के क्षेत्रों में बना दबाव का क्षेत्र भी मौसम की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम पश्चिम उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में इसके कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से झारखंड के साथ आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
बिहार और छत्तीसगढ़ में भी कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश की तीव्रता अधिक रही। ओडिशा में मानसून सक्रिय रहने के कारण कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी है। मौसम की ऐसी स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। असम और मेघालय में भारी बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी रहने से पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है।
पश्चिमी भारत में गुजरात क्षेत्र तथा कोंकण और गोवा में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। मध्य महाराष्ट्र में भी कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। इन इलाकों में बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने और स्थानीय स्तर पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति पैदा हो सकती है।
मौसम विभाग की बारिश संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता में अंतर बना हुआ है। कहीं सामान्य से भारी बारिश हो रही है तो कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने और प्रशासन की सलाह के अनुसार ही यात्रा करने की जरूरत है।
विशेष रूप से भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने, नदी और नालों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन की आशंका वाले स्थानों से दूरी बनाए रखने की जरूरत है।
मानसून के इस दौर में मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए किसी एक स्थान के लिए जारी स्थानीय चेतावनी को पूरे राज्य पर लागू मानने के बजाय संबंधित जिले और क्षेत्र के लिए जारी ताजा मौसम अपडेट को प्राथमिकता देना अधिक सुरक्षित रहेगा।
Khabar.com.IN
बदलती दुनिया को समझने के लिए सिर्फ खबरें पढ़ना काफी नहीं, उनके पीछे छिपे सवालों को समझना भी जरूरी है। Khabar.com.IN आपके सामने ऐसे ही महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्वतंत्र विचार और विश्लेषण प्रस्तुत करता है।