21 अगस्त को कई राज्यों में बहुत भारी बारिश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से पूर्वोत्तर भारत तक मानसून का जोर
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 21 अगस्त 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश देखने को मिली।
मौसम विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर भारत में बारिश का असर सबसे अधिक दिखाई दिया। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। असम और मेघालय में भी भारी वर्षा हुई। लगातार सक्रिय मानसून के कारण पूर्वोत्तर राज्यों में कई स्थानों पर मौसम का मिजाज बदला रहा।
पूर्वी भारत में उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश हुई। लगातार बारिश से कई इलाकों में मौसम सुहावना हुआ, लेकिन निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा होने की संभावना बनी हुई है।
मध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी वर्षा हुई। छत्तीसगढ़ में भी बारिश का असर देखने को मिला। मानसून की सक्रियता के कारण मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव जारी रह सकता है।
उत्तराखंड और पंजाब में भी पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश से पहाड़ी सड़कों पर फिसलन और कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में भी बारिश का असर बना रहा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हुई। इन क्षेत्रों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार यह वर्षा का आंकड़ा 20 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे से 21 अगस्त 2026 की सुबह 8:30 बजे तक की अवधि का है। इस दौरान देश के पूर्वोत्तर, पूर्वी, उत्तरी, मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बनी रहीं।
भारी और बहुत भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले इलाकों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। गरज और बिजली की स्थिति बनने पर खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
कुल मिलाकर 21 अगस्त को देश के कई राज्यों में मानसून का जोर देखने को मिला। विशेष रूप से नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि असम एवं मेघालय, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, उत्तराखंड, पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल सहित कई क्षेत्रों में भारी बारिश हुई।
Khabar.com.IN