मौसम अपडेट: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की 16 अगस्त 2026 की दैनिक मौसम परिचर्चा के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल तथा उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में अगले दो दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम की सबसे गंभीर स्थिति ओडिशा में देखने को मिल सकती है, जहां 16 और 17 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 17 अगस्त को कुछ इलाकों में अत्यंत भारी बारिश हो सकती है।
ओडिशा में अत्यधिक बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। लगातार तेज बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं। पहाड़ी और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भी लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत होगी।
मौसम विभाग ने उत्तर भारत के लिए भी बारिश को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। पश्चिमी छोर से मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति के उत्तर में बनी हुई है। इसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सप्ताह के अधिकांश दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश में भी अगले तीन से चार दिनों के दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मानसून ट्रफ की स्थिति और वातावरण में बनी मौसमी परिस्थितियों के कारण राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। तेज बारिश के दौरान लोगों को नदियों, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा सकती है।
पूर्वोत्तर भारत में भी आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में पूरे सप्ताह बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। बारिश के दौरान खुले स्थानों, कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
कम दबाव वाले क्षेत्र के आगे बढ़ने के साथ बारिश का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में बदल सकता है। इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाली चेतावनियां और प्रशासन की सलाह महत्वपूर्ण रहेंगी। मौसम विभाग के अगले अपडेट में बारिश की तीव्रता और प्रभावित क्षेत्रों को लेकर और जानकारी सामने आ सकती है।
मानसून के इस सक्रिय दौर में किसानों के लिए भी मौसम की जानकारी महत्वपूर्ण है। अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की स्थिति फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं जल संसाधनों और भूजल के लिहाज से अच्छी बारिश कई क्षेत्रों के लिए राहत भी लेकर आ सकती है। हालांकि अत्यधिक बारिश और कम समय में बहुत ज्यादा वर्षा होने पर इसका प्रभाव नुकसानदायक भी हो सकता है।
Khabar.com.IN की अपील है कि बारिश और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और अपने क्षेत्र में प्रशासन तथा मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। विशेष रूप से अत्यधिक बारिश की चेतावनी वाले इलाकों में नदी, नाले, पुल और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचना चाहिए।