मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी विदर्भ के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से पश्चिमी और मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने 13 सितंबर को कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं गुजरात क्षेत्र में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 13 और 14 सितंबर के दौरान तेज बारिश की संभावना बनी हुई है।
गुजरात के लिए मौसम विभाग ने विशेष रूप से सतर्क रहने की संभावना जताई है। 13 सितंबर को गुजरात क्षेत्र के कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इसी दिन उत्तर मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बहुत भारी बारिश की संभावना बताई गई है। अत्यधिक बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। पश्चिमी और मध्य भारत में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने तथा अलग-अलग क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
कोंकण और गोवा में भी 13 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और स्थानीय यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बारिश प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेष रूप से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना भी उचित रहेगा।
वाहन चालकों को तेज बारिश के दौरान कम दृश्यता और सड़क पर पानी जमा होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी लगातार बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए।
बारिश के साथ कई स्थानों पर गरज और बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसी स्थिति में खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
आने वाले दिनों में मौसम प्रणाली की दिशा और प्रभाव के अनुसार बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है। इसलिए नागरिकों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सूचनाओं पर ध्यान देते हुए अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।
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