पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा और गंगा के मैदानी इलाकों पर भी असर
मोहित गौतम (दिल्ली) : भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 12 अगस्त 2026 को जारी दैनिक मौसम परिचर्चा में देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसम सिस्टम तथा उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण पूर्वी और उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों के पास उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक स्पष्ट होने तथा इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके आगे बढ़ने की संभावना बताई गई है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से 12 और 13 अगस्त को ओडिशा तथा गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
ओडिशा में इस मौसम प्रणाली का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी जमा होने और स्थानीय नदियों तथा नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना भी बनी रह सकती है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। लगातार बारिश से शहरों और कस्बों में जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।
दूसरी ओर उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर बहुत ज्यादा भारी बारिश होने की संभावना है। राजस्थान के प्रभावित क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी परिस्थितियों से सावधानी बरतनी होगी।
मौसम विभाग ने इस सप्ताह के बाकी दिनों के लिए पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां उत्तर भारत के कई हिस्सों में सक्रिय रह सकती हैं।
भारी बारिश के दौरान लोगों को खुले क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए, खासकर जब गरज और बिजली चमकने की स्थिति हो। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन संभावित इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। नदियों, नालों और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से भी बचना जरूरी है।
मौसम विभाग की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्सों में मानसून पहले से सक्रिय है। अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव के कारण बारिश का वितरण भी अलग रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में बहुत तेज बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के इलाकों में सामान्य या हल्की बारिश देखने को मिल सकती है।
आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मौसम पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना और यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेना लोगों के लिए उपयोगी रहेगा।