मोहित गौतम (दिल्ली) : गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स के लिए अपनी स्टोरेज पॉलिसी में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब तक गूगल अकाउंट के साथ मिलने वाले 15GB फ्री स्टोरेज में केवल जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज का डेटा ही शामिल होता था। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद एंड्रॉयड फोन का बैकअप डेटा भी इसी फ्री स्टोरेज में गिना जाएगा।
इस बदलाव का मतलब है कि अब आपके फोन के SMS, कॉल हिस्ट्री, डिवाइस सेटिंग्स, वॉलपेपर, ऐप डेटा और अन्य बैकअप फाइलें भी उसी 15GB स्टोरेज का हिस्सा बनेंगी। पहले इन चीजों के लिए अलग व्यवस्था होने के कारण कई यूजर्स आसानी से फ्री स्टोरेज में काम चला लेते थे, लेकिन अब स्थिति बदल सकती है।

आज ज्यादातर लोग ईमेल के लिए जीमेल, फाइलों के लिए गूगल ड्राइव और फोटो-वीडियो के लिए गूगल फोटोज का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 15GB स्टोरेज पहले से ही कई यूजर्स के लिए सीमित साबित हो रही थी। अब फोन बैकअप भी इसमें जुड़ने से स्टोरेज जल्दी भरने की संभावना बढ़ गई है।
नए नियमों के तहत क्लाउड पर सेव होने वाला लगभग पूरा एंड्रॉयड बैकअप गिना जाएगा। इसमें टेक्स्ट मैसेज, कॉल रिकॉर्ड, डिवाइस की सेटिंग्स, इंस्टॉल किए गए ऐप्स और उनका डेटा भी शामिल है। यानी अब यूजर्स को अपने स्टोरेज का इस्तेमाल पहले से ज्यादा सावधानी से करना होगा।
गूगल ने इस समस्या को कम करने के लिए कुछ नए विकल्प भी दिए हैं। एंड्रॉयड फोन की सेटिंग्स में यूजर्स यह चुन सकेंगे कि किन ऐप्स और डेटा का बैकअप लेना है और किनका नहीं। जरूरत पड़ने पर SMS, कॉल हिस्ट्री या डिवाइस सेटिंग्स के बैकअप को बंद भी किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों का काम अभी तक 15GB फ्री स्टोरेज में चल जाता था, उन्हें अब अतिरिक्त स्टोरेज खरीदने की जरूरत पड़ सकती है। खासकर वे यूजर्स जिनके पास बड़ी संख्या में फोटो, वीडियो और ऐप डेटा मौजूद है, उनके लिए यह बदलाव ज्यादा असर डाल सकता है।
गूगल का कहना है कि यह बदलाव सभी एंड्रॉयड बैकअप डेटा को एक ही अकाउंट स्टोरेज सिस्टम में शामिल करने के लिए किया गया है। हालांकि आम यूजर्स के लिए इसका सबसे बड़ा असर यही होगा कि फ्री स्टोरेज पहले की तुलना में जल्दी भर सकती है।