उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट
मोहित गौतम (दिल्ली) : उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर 2026 को मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से दोनों राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौसम प्रणाली का असर देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत हो सकती है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों व नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से तेज बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बनने की संभावना है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या सामने आ सकती है।
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ी हुई है। इसके चलते बादल तेजी से विकसित हो सकते हैं और कई स्थानों पर गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है।
भारी बारिश के दौरान वाहन चालकों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचना चाहिए। तेज बारिश के समय दृश्यता कम होने के कारण दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है। यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बारिश का यह दौर महत्वपूर्ण हो सकता है। नदियों और बरसाती नालों के किनारे रहने वाले लोगों को जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। किसानों के लिए यह बारिश कुछ क्षेत्रों में लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश से फसलों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो सकती है। ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने की जरूरत होगी।
IMD के ताजा पूर्वानुमान में प्रायद्वीपीय भारत को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्सों में अगले 6 से 7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
हालांकि कम बारिश की गतिविधि का मतलब यह नहीं है कि दक्षिण भारत में पूरी तरह मौसम शुष्क रहेगा। अलग-अलग स्थानों पर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक और लगातार मानसूनी गतिविधि अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। निम्न दबाव क्षेत्र की स्थिति और उसकी दिशा में परिवर्तन के साथ बारिश का क्षेत्र भी बदल सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किसी भी चेतावनी या निर्देश का पालन करना जरूरी होगा।
तेज बारिश और गरज के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी रखना सुरक्षित माना जाता है। जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने से भी बचना चाहिए।
फिलहाल 6 सितंबर 2026 को उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम की स्थिति महत्वपूर्ण बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण दोनों राज्यों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना सावधानी से बनाने की जरूरत है।
Khabar.com.IN