31 अगस्त को देश के कई राज्यों में भारी बारिश, छत्तीसगढ़ में बेहद भारी वर्षा दर्ज
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 31 अगस्त 2026 को सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश हुई।
मौसम विभाग के अनुसार गंगीय पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड तथा पूर्वी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश दर्ज की गई। बारिश के इन आंकड़ों से साफ है कि देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी हिस्सों में मानसून काफी सक्रिय बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर बेहद भारी बारिश दर्ज होना मौसम की गंभीर स्थिति को दर्शाता है। लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी तथा यातायात पर असर जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। ऐसे क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां सक्रिय रही हैं। झारखंड और ओडिशा में भी पिछले 24 घंटों के दौरान बहुत भारी बारिश दर्ज होने से कई इलाकों में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का प्रभाव देखने को मिला। उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश दर्ज की गई। पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन, सड़क बाधित होने और स्थानीय जलभराव जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। अचानक तेज बारिश से पहाड़ी नदियों और नालों में पानी का बहाव बढ़ सकता है।
मौसम विभाग द्वारा जारी वर्षा के आंकड़ों में पूर्वी मध्य प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश का उल्लेख किया गया है। मानसून के इस सक्रिय दौर में आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में लोगों को जलभराव वाली सड़कों पर अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। बिजली चमकने और गरज के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी किसी भी विशेष सलाह या चेतावनी का पालन करना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
भारत में मानसून के अंतिम चरण के दौरान कई मौसमी प्रणालियां बारिश को प्रभावित करती हैं। ऐसे में अलग-अलग राज्यों में बारिश की तीव्रता और अवधि अलग हो सकती है। IMD के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियां लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहेंगी।
31 अगस्त 2026 को दर्ज बारिश के आंकड़े बताते हैं कि देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी पूरी तरह सक्रिय है। छत्तीसगढ़ में बेहद भारी बारिश और कई राज्यों में बहुत भारी बारिश ने मौसम की गंभीरता को सामने रखा है। लोगों को अगले मौसम अपडेट पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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