देशभर में बदलेगा मौसम, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव से कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास सक्रिय है। इसके अगले 24 घंटों के दौरान और अधिक प्रभावी होने तथा पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके असर से देश के कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
पूर्वी भारत में ओडिशा के लिए मौसम विशेष रूप से सक्रिय रहने की संभावना है। 11 सितंबर को राज्य के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 12 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। बिहार में भी 11 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 11 से 13 सितंबर के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।
झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और बिजली के खंभों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है।
उत्तर भारत में भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में 11 से 13 सितंबर के बीच कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पंजाब में 13 से 15 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 और 14 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बारिश की संभावना के बीच लोगों को स्थानीय मौसम परिस्थितियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। भारी बारिश की स्थिति में कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना हो सकती है।
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 11 से 15 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ स्थानों पर 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी और 12 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
महाराष्ट्र और पश्चिमी भारत में भी मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। कोंकण और गोवा में 11 से 17 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में आने वाले दिनों में भारी बारिश की संभावना है। गुजरात क्षेत्र में 13 और 14 सितंबर तथा सौराष्ट्र-कच्छ में 14 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के लिए तेज मौसम गतिविधियों का अनुमान है। 11 और 12 सितंबर के दौरान कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने और झोंकों की रफ्तार इससे अधिक होने की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। केरल और माहे में 11 से 16 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश हो सकती है। तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। असम और मेघालय में 11 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश में भी आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है।
मछुआरों को समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्री परिस्थितियां प्रतिकूल हो सकती हैं।
बारिश और गरज-चमक की चेतावनी वाले क्षेत्रों में नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। तेज बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना सुरक्षित हो सकता है।
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