सिंगापुर में भी बढ़ रहा भारत के UPI का इस्तेमाल, डिजिटल पेमेंट की वैश्विक पहचान मजबूत
मोहित गौतम (दिल्ली) : भारत की डिजिटल पेमेंट प्रणाली UPI ने देश के भीतर भुगतान की आदतों को बदलने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान मजबूत करनी शुरू कर दी है। सिंगापुर जैसे वैश्विक वित्तीय और तकनीकी केंद्र में UPI आधारित डिजिटल भुगतान की सुविधा को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने इस विषय पर जानकारी साझा करते हुए कहा है कि भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक अब दुनिया के प्रमुख देशों में भी अपनी उपयोगिता साबित कर रही है।
UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस ने भारत में डिजिटल भुगतान को तेज, आसान और व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मोबाइल फोन के माध्यम से बैंक खातों के बीच तुरंत भुगतान की सुविधा ने छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारों तक डिजिटल लेनदेन को आसान बनाया है। आज भारत में रोजमर्रा की खरीदारी, बिल भुगतान और धन हस्तांतरण के लिए बड़ी संख्या में लोग UPI का उपयोग करते हैं।
सिंगापुर में UPI आधारित भुगतान की उपलब्धता भारत और सिंगापुर के बीच डिजिटल और वित्तीय सहयोग के बढ़ते संबंधों को भी दर्शाती है। विदेश यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा विशेष रूप से उपयोगी हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय भुगतान प्रणाली की स्वीकार्यता बढ़ने से यात्रियों को नकद मुद्रा बदलने और अलग-अलग भुगतान विकल्पों पर निर्भर रहने की आवश्यकता कम हो सकती है।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। UPI को इस डिजिटल परिवर्तन के सबसे प्रमुख उदाहरणों में गिना जाता है। इसकी सफलता का एक बड़ा कारण यह है कि भुगतान प्रक्रिया को आम नागरिकों के लिए सरल बनाया गया है। मोबाइल आधारित भुगतान के माध्यम से कुछ ही क्षणों में बैंक खातों के बीच धनराशि का लेनदेन संभव हो जाता है।
वैश्विक स्तर पर डिजिटल भुगतान का विस्तार केवल तकनीकी सुविधा तक सीमित नहीं है। यह व्यापार, पर्यटन और देशों के बीच आर्थिक सहयोग को भी प्रभावित कर सकता है। जब किसी देश की भुगतान प्रणाली दूसरे देशों में स्वीकार की जाती है, तो वहां यात्रा करने वाले नागरिकों और कारोबारियों के लिए लेनदेन आसान हो सकता है।
सिंगापुर को एशिया के प्रमुख वित्तीय और तकनीकी केंद्रों में गिना जाता है। ऐसे देश में भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली की मौजूदगी भारत के फिनटेक क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत देती है। UPI मॉडल को पहले ही कई देशों में डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में देखा जा चुका है।
भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भविष्य में सीमा पार भुगतान को और सरल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। हालांकि हर देश में भुगतान प्रणाली की उपलब्धता, उपयोग की सीमा और नियम स्थानीय व्यवस्था तथा संबंधित समझौतों पर निर्भर करते हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते दौर में UPI भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल नवाचार का एक प्रमुख उदाहरण बनकर उभरा है। सिंगापुर सहित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी बढ़ती पहुंच भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद कर रही है। आने वाले समय में अन्य देशों के साथ भी इस तरह की डिजिटल भुगतान व्यवस्था का विस्तार भारत के फिनटेक क्षेत्र के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है।
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