राहुल गांधी के ‘Dead Economy’ बयान पर BJP का पलटवार, एक साल बाद GDP के आंकड़ों से दिया जवाब
मोहित गौतम (दिल्ली) : भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। अगस्त 2026 के अंत में जारी आंकड़ों को आधार बनाकर BJP ने राहुल गांधी के जुलाई 2025 में दिए गए “Dead Economy” वाले बयान पर निशाना साधा है। BJP ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जिस भारतीय अर्थव्यवस्था को राहुल गांधी ने मृत बताया था, वह एक साल बाद मजबूत विकास दर के साथ आगे बढ़ रही है।
राहुल गांधी ने जुलाई 2025 में तत्कालीन वैश्विक आर्थिक और व्यापारिक परिस्थितियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बेहद कड़ी टिप्पणी की थी। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारतीय अर्थव्यवस्था पर की गई आलोचना से सहमति जताते हुए कहा था कि देश की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में है। राहुल गांधी ने इसके लिए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों, नोटबंदी, GST, MSME क्षेत्र और रोजगार से जुड़े मुद्दों को जिम्मेदार बताया था। उस समय उनके बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और इसे देश की आर्थिक उपलब्धियों को कमतर बताने वाला बयान करार दिया था।
अब करीब एक साल बाद BJP ने ताजा GDP आंकड़ों को सामने रखकर राहुल गांधी के उस बयान पर राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के दौरान भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। सरकार की ओर से जारी आधिकारिक राष्ट्रीय आय आंकड़ों में भी इस वृद्धि दर की पुष्टि हुई है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार पहली तिमाही में वास्तविक सकल मूल्य वर्धन यानी Real GVA में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं नाममात्र GDP में 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इन आंकड़ों को BJP भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में तेजी के संकेत के रूप में पेश कर रही है।
अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों में भी मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला है। पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 9.2 प्रतिशत रही। सेवा क्षेत्र ने करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं से जुड़े व्यापक क्षेत्र में 12.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन आंकड़ों का इस्तेमाल BJP यह बताने के लिए कर रही है कि भारत की आर्थिक गतिविधियां केवल एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि उत्पादन और सेवाओं दोनों से विकास को समर्थन मिल रहा है।
BJP ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आर्थिक अनिश्चितता जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी विकास गति बनाए रखी है। पार्टी का दावा है कि भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
GDP के इन आंकड़ों को लेकर आर्थिक बहस का एक दूसरा पहलू भी है। हाल में भारत की GDP गणना के लिए नई श्रृंखला और संशोधित पद्धति लागू की गई है, जिसके कारण पुराने आंकड़ों की तुलना करते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकार का सांख्यिकी मंत्रालय नई पद्धति और आंकड़ों को विस्तृत आधार पर जारी कर रहा है। इसलिए GDP वृद्धि को समझने के लिए केवल एक तिमाही के आंकड़े देखने के बजाय निवेश, खपत, रोजगार, महंगाई, निर्यात, उद्योग और कृषि जैसे अन्य आर्थिक संकेतकों को भी साथ में देखना जरूरी है।
इसके बावजूद 7.8 प्रतिशत की पहली तिमाही वृद्धि ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को नया मुद्दा दे दिया है। BJP का कहना है कि वर्तमान आंकड़े राहुल गांधी के “Dead Economy” वाले आकलन से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। वहीं विपक्ष की ओर से आर्थिक विकास के आंकड़ों के साथ रोजगार, महंगाई, किसानों की आय, छोटे कारोबार और आम लोगों की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए जाते रहे हैं।
इस पूरे विवाद में एक बात स्पष्ट है कि GDP वृद्धि दर किसी अर्थव्यवस्था की समग्र तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, लेकिन यह अकेला पैमाना नहीं है। किसी देश की आर्थिक मजबूती का आकलन करते समय प्रति व्यक्ति आय, रोजगार की गुणवत्ता, निजी निवेश, उपभोक्ता मांग, महंगाई और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक विकास के लाभ की पहुंच को भी देखना आवश्यक होता है।
फिलहाल 2026-27 की पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत GDP वृद्धि आंकड़े ने सरकार को आर्थिक मोर्चे पर अपनी नीतियों का बचाव करने का मजबूत आधार दिया है। BJP इसी आंकड़े को राहुल गांधी के पिछले बयान के जवाब के तौर पर इस्तेमाल कर रही है और दावा कर रही है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कमजोर नहीं बल्कि तेज गति से विस्तार कर रही है। दूसरी ओर, आर्थिक आंकड़ों की व्याख्या और उनके आम नागरिकों पर प्रभाव को लेकर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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