ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना, कई राज्यों में मौसम रहेगा सक्रिय
मोहित गौतम (दिल्ली) : देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने से पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
पूर्वानुमान के अनुसार 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 10 सितंबर को ओडिशा के कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की संभावना बनी रह सकती है।
गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल में भी 10 और 11 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश की स्थिति में शहरी क्षेत्रों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
तटीय आंध्र प्रदेश में भी 10 और 11 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति में होने वाले बदलावों पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आवश्यक निर्देशों का पालन करने की जरूरत हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 12 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मध्य भारत में सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बादल और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ में संभावित तेज बारिश को देखते हुए नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। भारी बारिश के दौरान अचानक जलभराव की स्थिति बन सकती है और कुछ ग्रामीण तथा शहरी मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
बारिश की संभावना वाले राज्यों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम के अनुसार अपनी दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान जलभराव वाले मार्गों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
बिजली चमकने और तेज बारिश की स्थिति में खुले स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए। पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास सावधानी रखना जरूरी है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि संबंधी कार्यों की योजना बनाने की आवश्यकता हो सकती है।
आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रह सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए नागरिकों को अपने क्षेत्र की मौसम स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
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