Latest Updates
Latest News Loading...

राम मंदिर ट्रस्ट की नियुक्ति पर बयान को लेकर BJP का कांग्रेस पर हमला, सेना के सम्मान का मुद्दा उठाया

मोहित गौतम (दिल्ली) : श्री राम जन्मभूमि न्यास के CEO पद पर वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी के कथित बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP ने अल्वी के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ नेता भारतीय सेना और देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर लगातार विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं।

BJP की ओर से जारी बयान में पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राशिद अल्वी की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर सवाल खड़े किए। BJP का कहना है कि सेना के वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी की नियुक्ति पर इस तरह की टिप्पणी करना सशस्त्र बलों के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं का रवैया सेना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल खड़े करने वाला रहा है।

BJP ने अपने बयान में राम जन्मभूमि और अयोध्या से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का भी उल्लेख किया। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने अतीत में भगवान राम, अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर ऐसे बयान दिए हैं जिन्हें BJP धार्मिक भावनाओं के अपमान के रूप में देखती है। हालांकि इन राजनीतिक आरोपों को BJP के बयान के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

विवाद का केंद्र राशिद अल्वी की ओर से कथित तौर पर की गई वह टिप्पणी है, जिसमें उन्होंने श्री राम जन्मभूमि न्यास के CEO पद पर पूर्व एयर चीफ मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। BJP ने इस बयान को सेना के सम्मान से जोड़ते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक हमला तेज कर दिया है।

BJP ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक और एयरस्ट्राइक से जुड़े सवाल उठाए थे। पार्टी ने इन पुराने राजनीतिक विवादों का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सैन्य अभियानों पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाना सेना के मनोबल और प्रतिष्ठा से संबंधित विषय है।

BJP ने अपने बयान में कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर की गई पुरानी टिप्पणियों का भी जिक्र किया। पार्टी ने इन घटनाओं को वर्तमान विवाद से जोड़ते हुए कांग्रेस की राजनीतिक सोच पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों को लेकर कांग्रेस का पक्ष इस पूरे विवाद को राजनीतिक संदर्भ में देखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

इस विवाद ने एक बार फिर भारतीय राजनीति में सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। BJP जहां इसे सेना के सम्मान का विषय बता रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से इस मामले में प्रतिक्रिया आने के बाद राजनीतिक बहस और आगे बढ़ सकती है।

राम जन्मभूमि से जुड़ा विषय देश में लंबे समय से बेहद संवेदनशील रहा है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद भी मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट और उससे जुड़े पदों को लेकर होने वाली राजनीतिक टिप्पणियां व्यापक चर्चा का विषय बन जाती हैं। ऐसे में किसी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी की नियुक्ति से संबंधित बयान भी राजनीतिक विवाद का रूप ले सकता है।

BJP ने अपने बयान में कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, लेकिन राजनीतिक दलों के आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। किसी नेता द्वारा कही गई बात का सही संदर्भ, पूरा बयान और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे विवाद को संतुलित रूप से समझा जा सकता है।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि सार्वजनिक जीवन में सेना और धार्मिक आस्था जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों और नेताओं की भाषा कितनी जिम्मेदार होनी चाहिए। भारत में सशस्त्र बलों का सम्मान व्यापक राष्ट्रीय भावना से जुड़ा विषय है। इसलिए ऐसे मामलों में राजनीतिक आरोपों से आगे बढ़कर तथ्य और आधिकारिक स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

फिलहाल BJP ने राशिद अल्वी के कथित बयान को लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है और इसे सेना के सम्मान से जोड़कर सवाल उठाए हैं। आने वाले समय में कांग्रेस की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद विवाद की राजनीतिक दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

Khabar.com.IN

Popular posts from this blog

मूनक में सांझा मुलाजिम मंच और पेंशनर्स फ्रंट की विशाल रैली, सरकार के खिलाफ निकाला रोष मार्च

पंजाब में ED के आरोपों से सियासत गरम, BJP ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांगा जवाब

यूपी, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा में 31 अगस्त तक बारिश की चेतावनी

IMD में मौसम विज्ञान सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार ने किया दौरा, मिशन मौसम की प्रगति की समीक्षा

देशभर में बारिश का अलर्ट, 1 सितंबर से कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी