Delhi SIR Update: घर घर सत्यापन की समय सीमा फिर बढ़ी, 24 अगस्त को जारी होगा वोटर लिस्ट का मसौदा
मोहित गौतम (दिल्ली) : राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR कार्यक्रम की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली में चल रही प्रक्रिया की प्रगति और स्थानीय स्तर पर आवश्यक समय को ध्यान में रखते हुए संशोधित कार्यक्रम जारी किया है। नए आदेश के अनुसार बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा घर घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन का काम अब 17 अगस्त तक जारी रहेगा।
इससे पहले भी SIR प्रक्रिया की समय सीमा में बदलाव किया गया था। पहले घर घर सत्यापन, फॉर्म वितरण और फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया को 29 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में इस समय सीमा को बढ़ाकर 8 अगस्त किया गया। अब निर्वाचन आयोग ने दूसरी बार समय बढ़ाते हुए घर घर सत्यापन अभियान को 17 अगस्त तक जारी रखने का निर्णय लिया है।
SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसके तहत बूथ लेवल अधिकारी अपने संबंधित क्षेत्रों में घर घर जाकर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन करते हैं। इस दौरान मतदाता की पहचान, निवास और मतदाता सूची में दर्ज विवरण से जुड़ी जानकारी की जांच की जा सकती है।
निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार बूथ स्तर पर सत्यापन के साथ बूथों के पुनर्गठन और रेशनलाइजेशन से जुड़ा काम भी 17 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। बूथों के पुनर्गठन का उद्देश्य मतदाताओं की संख्या और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार मतदान केंद्रों की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।
समय सीमा बढ़ने से बूथ लेवल अधिकारियों को उन मतदाताओं तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा, जिनका सत्यापन अभी पूरा नहीं हो सका है। कई क्षेत्रों में लोगों की अनुपस्थिति, दस्तावेजों की जांच और बड़ी आबादी के कारण सत्यापन प्रक्रिया में अधिक समय लग सकता है। ऐसे में अतिरिक्त अवधि से प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
संशोधित समय सारणी के अनुसार दिल्ली की मतदाता सूची का पहला मसौदा 24 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। पहले संशोधित कार्यक्रम में मसौदा मतदाता सूची जारी करने की तारीख 17 अगस्त तय की गई थी। इससे पहले मूल कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का प्रारंभिक मसौदा 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाना था।
मतदाता सूची का मसौदा जारी होने के बाद मतदाता अपने नाम और अन्य विवरण की जांच कर सकेंगे। यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या नाम, पता, आयु अथवा अन्य जानकारी में कोई त्रुटि है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज की जा सकती है। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा तय समय सीमा और नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण आधार है। सही और अद्यतन मतदाता सूची से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि पात्र नागरिकों को मतदान का अवसर मिले और गलत या पुराने रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार किया जा सके।
निर्वाचन आयोग की ओर से SIR कार्यक्रम की समय सीमा बढ़ाए जाने के बाद दिल्ली के मतदाताओं को भी अपने क्षेत्र में चल रहे सत्यापन अभियान पर ध्यान देने की जरूरत है। यदि बूथ लेवल अधिकारी सत्यापन के लिए संपर्क करते हैं, तो मतदाताओं को सही जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। किसी भी दस्तावेज या जानकारी को लेकर भ्रम होने पर केवल निर्वाचन आयोग या दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करना उचित होगा।
मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित होने के बाद नागरिकों को अपने नाम और विवरण की जांच करनी चाहिए। समय रहते त्रुटियों की जानकारी देने से अंतिम मतदाता सूची तैयार होने से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकते हैं।
दिल्ली में SIR प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ने से मतदाता सत्यापन और बूथ व्यवस्था से जुड़े कार्यों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। अब सभी की नजर 24 अगस्त पर रहेगी, जब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची का पहला मसौदा प्रकाशित किया जाएगा।
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