डीएवी स्कूल मूनक में बैसाखी पर्व पर सुखमनी साहिब का पाठ, बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया
विद्यालय के ऑडिटोरियम में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप विधिवत स्थापित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती रूपेंद्र कौर, श्रीमती मोहिनी शर्मा, श्रीमती नेहा मेहता, श्रीमती राजेंद्र कौर, श्रीमती वीरपाल कौर, श्रीमती अमरजोत कौर, कुमारी जश्नदीप कौर तथा कुमारी राजवीर कौर द्वारा सुखमनी साहिब का पाठ किया गया। इसके उपरांत अरदास की गई तथा भोग डाला गया।
(डीएवी स्कूल मूनक में बैसाखी पर्व के अवसर पर सुखमनी साहिब का पाठ करते हुए विद्यार्थी एवं अध्यापक)कार्यक्रम के दौरान एलकेजी से लेकर दूसरी कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए बैसाखी से संबंधित प्रिंटिंग, पेंटिंग तथा आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रधानाचार्य श्री संजीव शर्मा ने विद्यार्थियों को बैसाखी के इतिहास एवं आध्यात्मिक महत्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह पर्व खुशहाली, प्रगति और ऋतु परिवर्तन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसी दिन जलियांवाला बाग में अंग्रेज अधिकारी जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाई थीं, जिसने देशवासियों के मन में स्वतंत्रता के प्रति जागरूकता और संघर्ष की भावना को और प्रबल किया।
उन्होंने आगे बताया कि बैसाखी के दिन ही श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना कर समाज को एकता के सूत्र में बांधा। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।