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बच्चों और किशोरों को सोशल मीडिया पर सुरक्षित कैसे रखें

मोहित गौतम (दिल्ली) : सोशल मीडिया आज बच्चों और किशोरों की ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसके साथ ऑनलाइन बुलीइंग, फेक प्रोफाइल और निजी जानकारी के दुरुपयोग जैसे खतरे भी हैं। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि माता‑पिता थोड़ी‑सी सतर्कता और संवाद से बच्चों को इन खतरों से बचा सकते हैं।


क्या करें?

  • बच्चों को बताएं कि अनजान लोगों से चैट या दोस्ती न करें।

  • सोशल मीडिया की प्राइवेसी सेटिंग्स स्ट्रॉन्ग रखें।

  • अपनी फोटो, पता या स्कूल की जानकारी सार्वजनिक न करें।

  • अगर ऑनलाइन बुलीइंग या अजीब संदेश मिले तो तुरंत बताएँ।

  • माता‑पिता समय‑समय पर बच्चों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नज़र रखें, बिना दबाव के।


⚠️ संवाद है ज़रूरी

विशेषज्ञ मानते हैं कि खुलकर बातचीत बच्चों का भरोसा बढ़ाती है, जिससे वे किसी भी परेशानी में तुरंत बताने से नहीं डरते।


निष्कर्ष

सोशल मीडिया का ज़माना है, लेकिन सतर्कता और जागरूकता से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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