Posts

Showing posts with the label Water Management
Welcome to Khabar.com.IN – Delivering Truth, Facts, and Public Interest Journalism.

नवीनीकरण की राह पर दिल्ली की नैनी झील, अमृत 2.0 योजना के तहत शुरू हुआ विकास कार्य

मोहित गौतम (दिल्ली) : दिल्ली के मॉडल टाउन स्थित नैनी झील के कायाकल्प और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगर निगम की ओर से झील को बेहतर पर्यावरणीय, मनोरंजन और सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए नवीनीकरण परियोजना शुरू की गई है। यह कार्य अमृत 2.0 योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जल प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करना है। परियोजना के तहत नैनी झील में उपचारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी का उपयोग किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कोरोनेशन पिलर स्थित एसटीपी से उपचारित पानी को नैनी झील तक पहुंचाया जाएगा। इससे झील के जल स्तर और रखरखाव में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा उपचारित पानी की अतिरिक्त मात्रा का इस्तेमाल आसपास के नगर निगम पार्कों में सिंचाई के लिए किया जाएगा। इससे पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और ताजे जल स्रोतों पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। नैनी झील के विकास कार्य में केवल जल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत हॉर्टिकल्चर से जुड़े काम कि...

भारत में पानी का संकट 2030: क्या आने वाले वर्षों में जल युद्ध की आशंका

Image
मोहित गौतम (दिल्ली) :  भारत में पानी का संकट आने वाले वर्षों में एक गंभीर राष्ट्रीय चुनौती के रूप में उभर रहा है। वर्ष 2030 तक देश की बढ़ती जनसंख्या, तेजी से होते शहरीकरण और बदलते जलवायु पैटर्न के कारण जल संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ने की आशंका है। कई रिपोर्टों और विशेषज्ञों की चेतावनियों के अनुसार भारत उन देशों में शामिल हो सकता है जहां पानी की मांग उपलब्ध संसाधनों से कहीं अधिक हो जाएगी। देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। बड़े शहरों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, ट्यूबवेल और बोरवेल पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। बारिश के अनियमित होते पैटर्न और लंबे समय तक सूखे की स्थिति ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। 2030 तक यदि यही स्थिति बनी रही तो पीने के पानी की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है। कृषि क्षेत्र भारत की जल खपत का सबसे बड़ा हिस्सा है। परंपरागत सिंचाई पद्धतियों, जल की बर्बादी और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती पर गहरा असर पड़ रहा है। कई राज्यों में किसान पहले ही पानी की कमी से जूझ रहे हैं। आने वाले वर्षों में यदि जल प्रबंधन में सुधार नहीं हुआ तो खाद्य सुरक्षा पर भी ...