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Delhi Ko Kude Se Azadi Campaign: MCD ने लगाए पौधे, ग्रीन कवर बढ़ाने की पहल

मोहित गौतम (दिल्ली) : दिल्ली में हरित क्षेत्र को बढ़ाने और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम की ओर से पौधारोपण अभियान लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी कड़ी में नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम ने सीलमपुर क्षेत्र के दो पार्कों में पौधारोपण अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान कुल 28 पौधे लगाए गए। नगर निगम के अनुसार, यह पहल शहर में हरित क्षेत्र को मजबूत करने और लोगों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान विकसित करने की दिशा में की जा रही है। पौधारोपण अभियान के तहत सीलमपुर के पार्क दिलखुश डांडा में 16 पौधे लगाए गए। यह क्षेत्र वार्ड नंबर 214 के अंतर्गत आता है। इसके अलावा पार्क एच नंबर 81 और 84 में 12 पौधे लगाए गए, जो वार्ड नंबर 213 में स्थित है। इस तरह दोनों स्थानों को मिलाकर कुल 28 नए पौधे लगाए गए। नगर निगम के अनुसार, नॉर्थ ईस्ट जोन में चल रहे पौधारोपण अभियान के तहत अब तक 26 पार्कों में कुल 610 पौधे लगाए जा चुके हैं। इन पौधों के माध्यम से क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाने के साथ साथ सार्वजनिक पार्कों के वातावरण को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। दिल्ली जैसे बड़े महानगर में बढ़ता शहरीकरण ...

क्लाउड सीडिंग तकनीक क्या है: कृत्रिम वर्षा से प्रदूषण और सूखे से राहत की उम्मीद

मोहित गौतम (दिल्ली) :  क्लाउड सीडिंग (Cloud Seeding) यानी कृत्रिम वर्षा लाने की वैज्ञानिक तकनीक — यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें बादलों के भीतर रासायनिक पदार्थ छोड़कर बारिश कराई जाती है। जब वातावरण में पर्याप्त नमी होती है लेकिन बादल वर्षा नहीं कर पाते, तब यह तकनीक बादलों को सक्रिय बनाकर कृत्रिम रूप से वर्षा उत्पन्न करती है। हाल के वर्षों में, भारत समेत कई देशों ने इसे प्रदूषण नियंत्रण, सूखे से राहत और जल संरक्षण के एक प्रभावी उपाय के रूप में अपनाना शुरू किया है। क्लाउड सीडिंग की शुरुआत 1946 में अमेरिका में हुई थी, जब वैज्ञानिक विंसेंट शेफ़र और बर्नार्ड वोनिग ने पहली बार सूखी बर्फ (Dry Ice) का उपयोग करके कृत्रिम वर्षा का सफल प्रयोग किया था। उस समय से लेकर आज तक यह तकनीक विकसित होती गई और अब इसमें अधिक सटीक उपकरण, विशेष विमान, और कंप्यूटर आधारित मौसम निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह होता है कि जब वातावरण में मौजूद बादल पर्याप्त घने हों और उनमें जलवाष्प की मात्रा मौजूद हो, तब उन्हें वर्षा में परिवर्तित किया जा सके। इस प्रक्रिया में सामान्यतः सिल्वर आयोड...