फेक जॉब ऑफर स्कैम: बेरोजगार युवाओं को कैसे बनाया जा रहा शिकार
मोहित गौतम (दिल्ली) : देशभर में बढ़ती बेरोजगारी के बीच अब फेक जॉब ऑफर स्कैम तेजी से फैल रहा है। नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं को निशाना बनाकर ठग नए-नए तरीके अपनाते हुए लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। यह स्कैम न सिर्फ आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि युवाओं के भरोसे को भी तोड़ रहा है।
इस तरह के मामलों में ठग खुद को बड़ी कंपनियों या सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बताकर युवाओं से संपर्क करते हैं। उन्हें आकर्षक सैलरी, जल्दी जॉइनिंग और आसान चयन प्रक्रिया का लालच दिया जाता है। कई बार फर्जी ईमेल, वेबसाइट और इंटरव्यू कॉल के जरिए पूरा प्रोसेस असली जैसा दिखाया जाता है।

जैसे ही उम्मीदवार भरोसा कर लेता है, उससे “रजिस्ट्रेशन फीस”, “ट्रेनिंग चार्ज” या “सिक्योरिटी डिपॉजिट” के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। कुछ मामलों में फर्जी ऑफर लेटर भी भेजे जाते हैं, जिससे पीड़ित को देर से पता चलता है कि वह ठगी का शिकार हो चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्कैम इसलिए तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों की निर्भरता बढ़ी है और नौकरी की तलाश ऑनलाइन हो गई है।
सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और जॉब पोर्टल्स के जरिए ठग आसानी से लोगों तक पहुंच बना लेते हैं।
इस स्कैम का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है, खासकर उन पर जो पहली नौकरी की तलाश में हैं। जल्दी नौकरी पाने की चाहत और सीमित जानकारी के कारण वे ऐसे जाल में फंस जाते हैं।